राजस्थानी भाषा एवं साहित्य में जाम्भाणी साहित्य का योगदान’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी 11 जनवरी को

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी तथा जाम्भाणी साहित्य अकादमी, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में 11 जनवरी को ‘राजस्थानी भाषा एवं साहित्य में जाम्भाणी साहित्य का योगदान’ विषयक एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जाम्भाणी साहित्य अकादमी की त्रैमासिक पत्रिका ’झीणी वाणी’ का लोकार्पण भी होगा।
अकादमी सचिव शरद केवलिया व कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरिराम बिश्नोई ने बताया कि दोपहर 12 बजे जाम्भाणी साहित्य अकादमी भवन, जयनारायण व्यास कॉलोनी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित होंगे व अध्यक्षता झीणी वाणी के संपादक डॉ. बनवारी लाल सहू करेंगे। सारस्वत वक्ता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के राजस्थानी विभागाध्यक्ष डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित, विशिष्ट वक्ता राजकीय महाविद्यालय सूरसागर, जोधपुर में सहायक आचार्य हिंदी डॉ. प्रकाशदान चारण तथा बीज वक्ता पूर्व शोध अधिकारी डॉ. कृष्णलाल बिश्नोई होंगे। स्वागत भाषण महासचिव, जाम्भाणी साहित्य अकादमी विनोद जम्भदास व धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष, जाम्भाणी साहित्य अकादमी राजाराम धारणियां देंगे।  

जाम्भाणी साहित्य अकादमी के संरक्षक स्वामी कृष्णानंद आचार्य, संरक्षिका डॉ. सरस्वती बिश्नोई, अध्यक्षा डॉ. इंद्रा बिश्नोई, संस्थापक सदस्य इन्द्रजीत बिश्नोई ने बताया कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी आमजन, शोधार्थियों व विशेषकर युवा साहित्यकारों के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायक सिद्ध होगी।

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