जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी), रामनगरिया, जगतपुरा, जयपुर में शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को रसायन शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय नेशनल वर्कशॉप "ग्रीन प्रैक्टिस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ.निवेदिता कॉल, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग, एमएनआईटी, जयपुर ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण प्रदूषण से होने वाले नुकसान तथा उससे बचाव के विभिन्न वैज्ञानिक तरीकों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वर्कशॉप के दूसरे दिन डॉ.मीना, असिस्टेंट प्रोफेसर, एमएनआईटी, जयपुर द्वारा जल प्रदूषण तथा उसके प्रभावी नियंत्रण के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। तीसरे दिन प्रतिभागियों ने एमएनआईटी, जयपुर स्थित मैटेरियल रिसर्च लैबोरेट्री का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न आधुनिक उपकरणों एवं अनुसंधान पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की। चौथे दिन डॉ.सुशील कुमार शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा ने मेटल पर होने वाली क्षरण (Corrosion) की प्रक्रियाओं तथा ग्रीन इनहिबिटर्स द्वारा उससे बचाव के वैज्ञानिक उपायों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला के अंतिम दिन डॉ.गरिमा कौशिक, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान ने खाद्य एवं पेय पदार्थों में पाए जाने वाले कंटेमिनेशन तथा उनकी पहचान एवं रोकथाम विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यशाला की कन्वीनर प्रो. डॉ.विनीता शर्मा ने बताया कि इस नेशनल वर्कशॉप में देशभर से अनेक शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
अंत में, रसायन शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.स्वाति जोशी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.पूनम ओझा द्वारा किया गया।