अवैध कॉलोनियों पर अधूरी कार्यवाही ने प्रशासन की निष्पक्षता पर खड़े किए गंभीर सवाल

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद सैनी): तहसील प्रशासन एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा कृषि भूमि पर काटी जा रही दो कॉलोनियों पर कार्यवाही कर इतिश्री करना एक बार फिर सिस्टम की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में दर्जनों कॉलोनियों में अभी भी प्लाॅट काटकर बेचे जा रहे हैं। दो कॉलोनियों की मिट्टी की सड़क को खुर्द बुर्द कर देना क्या पर्याप्त कार्यवाही है। बताया जाता है कि आज भी भूमाफिया बेखौफ होकर कृषि भूमि में प्लॉट काटकर बेच रहे हैं लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध रखी है। भूमाफिया भोले भाले लोगों को झूठ बोलकर प्लॉट बेच रहे हैं, जबकि इन कॉलोनियों में बाद में आमजन सुविधाओं के लिए तरसते रहते हैं। इन अवैध कॉलोनियों में बिजली विभाग विद्युत का कनेक्शन भी नहीं दे सकता है लेकिन कई भूमाफियाओं ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करके अवैध कॉलोनियों में बिजली के कनेक्शन तक करवा दिए हैं। भूमाफियाओं द्वारा आमजन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, इसके साथ ही राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। जानकारी के अनुसार राजस्थान का काश्तकारी अधिनियम की धारा 177 के तहत तहसीलदार उपखंड अधिकारी के माध्यम से खातेदारी निरस्त करने, जुर्माना लगाने और निर्माण रोकने के आदेश दे सकते हैं, साथ ही भू राजस्व संहिता के तहत कार्रवाई करके अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने और मूल स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। बताया जाता है कि नियमों का उल्लंघन करने पर भूमाफिया पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। बिना अनुमति के काटी गई कॉलोनियों को राज्य सरकार के नाम घोषित करने की कार्यवाही भी की जा सकती है। अवैध कॉलोनियों में बिजली, पानी, सीवरेज का कनेक्शन और बैंक लोन नहीं मिलते हैं।

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