बीकानेर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के अंग्रेज़ी विभाग में “प्रभावी संप्रेषण: शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा, प्राध्यापिकाएँ डॉ. प्रगति सोबती, डॉ. संतोष शेखावत और डॉ. नीतु बिस्सा उपस्थित रहीं। कार्यशाला को चार तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया।
विभाग ने विद्यार्थियों के विशेष मार्गदर्शन हेतु प्रोफेसर एम. आर. खत्री को आमंत्रित किया, जिन्होंने संप्रेषण के व्यावहारिक पक्ष, शरीर-भाषा, प्रस्तुति कौशल और आत्मविश्वास निर्माण पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने लाइव उदाहरणों व इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को प्रभावी संवाद के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि “नियमित अभ्यास और सकारात्मक दिशा ही संप्रेषण कौशल को उत्कृष्ट बनाती है।”
डॉ. संतोष शेखावत ने कहा कि “अकादमिक ज्ञान तभी सार्थक है, जब विद्यार्थी उसे स्पष्ट, आत्मविश्वासपूर्ण और संवेदनशीलता के साथ व्यक्त कर सके।”
वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि “प्रभावी संप्रेषण न केवल ज्ञान अभिव्यक्ति का माध्यम है बल्कि व्यक्तित्व विकास की प्रमुख कुंजी भी है। ऐसी कार्यशालाएँ छात्रों के आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशल को मजबूत बनाती हैं।”
तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. प्रगति सोबती ने संवाद क्षमता को प्रतिस्पर्धात्मक युग की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए अभ्यास और सहभागी शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. नीतु बिस्सा ने कहा कि “संचार कला, विचारों को दिशा देने और किसी भी पेशे में सफलता प्राप्त करने का आधार है।”
कार्यक्रम के अंत में आमंत्रित प्रोफेसर खत्री का मोमेंटो भेंट कर तथा पारंपरिक साफ़ा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यशाला में अंग्रेज़ी विभाग के सभी कोर्सेज़ के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के संयोजक अजय और श्रुति रहे, जिनके कुशल संचालन से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विद्यार्थियों में मोहित, हिमांशु, सुमन, प्रतिष्ठा, लक्षिता, सिमरन, रंजना, वैशाली, ऐश्वर्या, विजयश्री, गायत्री, दिलिप, पार्थ, ओम, प्रीती, मनीषा, नरेंद्र सहित अनेक छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।