करो न कार्रवाई, ठोस कार्रवाई में किसका इंतजार और क्या सबूत चाहिए

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद सैनी): क्षेत्र में बेलगाम भूमाफिया सरकारी जमीनों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। बेखौफ होकर चारागाह, सिवाय चक, गैर मुमकिन रास्ते में भी प्लाॅट काटकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। इन भूमाफियाओं पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने से तहसील प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन पर 'बाड ही खेत को खाने वाली कहावत' चरितार्थ होती नजर आ रही है। बताया जाता है कि सरकारी जमीनों की जानकारी भूमाफियाओं को पटवारी द्वारा दी जाती है। लोगों द्वारा आरोप लगाया जाता है कि पटवारी भी इन अवैध कॉलोनियों में शामिल रहता है तथा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी वही लेता है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में सरकारी खसरा नंबर 4998/1, 4585, 4589, 4624/1, 4584/1, 4538/1, 4178, 4176, 3130 पर भी भूमाफियाओं द्वारा अवैध कालोनियां काटकर प्लॉट बेच रहे हैं। बताया जाता है कि भूमाफियाओं द्वारा यह कहकर प्लॉट बेचा जाता है कि कोई भी व्यक्ति आपको मकान बनाने से मना करता है तो उसकी जिम्मेदारी हमारी है। कोई भी व्यक्ति आपको परेशान करता है तो आप हमें फोन करना, हम मौके पर आकर आपका मकान बनवाएंगे। बताया जाता है कि भूमाफिया द्वारा बिजली का कनेक्शन करवाने की भी जिम्मेदारी ली जाती है। यहां तक कि चारागाह में बने हुए दर्जनों मकानों में बिजली का कनेक्शन करवा भी चुके हैं। जानकारी के अनुसार भूमाफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर अपना कब्जा बताकर बेचा जाता है। कब्जा लिखित में लेने की बात करते हैं तो बोला जाता है कि सरकार को छोड़कर कोई भी व्यक्ति आपको मकान बनाने से रोकता है तो उसकी सारी जिम्मेदारी हमारी है। इन सरकारी जमीनों पर बने अवैध मकानों में विद्युत का कनेक्शन देने में विद्युत विभाग भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है लेकिन उनकी भी मजबूरी है, लालच के आगे उनको भी झुकना पड़ रहा है। यदि उनको किसी भी प्रकार का कोई लालच नहीं है तो फिर चारागाह पर बने हुए अवैध मकानों में बिजली के कनेक्शन क्यों दिए जा रहे हैं। फोटो में चारागाह भूमि पर बिजली विभाग की गाड़ी खड़ी साफ दिखाई दे रही है। उसके साथ ही मकान भी दिखाई दे रहे हैं। इससे यह साफ नजर आ रहा है कि इन चारागाह भूमि में बने हुए मकानों में कनेक्शन बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा ही किया जाता है।

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