बीकानेर। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू की गई आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों और स्वस्थ जीवनशैली को ग्रामीण जीवन का हिस्सा बनाना है। वे मंगलवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. बैरवा ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोगों की रोकथाम, निरोगी रहने और प्रकृति आधारित उपचार को बढ़ावा देने में अहम कदम साबित होगी। आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि पहले चरण में प्रत्येक जिले से 5 ग्राम पंचायतों को चुना गया है। राज्य में कुल 210 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है। इन पंचायतों में 18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर काम किया जाएगा, जिनमें शत-प्रतिशत उपलब्धि पर 11 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बीकानेर जिले के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में हदां, गुढ़ा (कोलायत), बाढेला (डूंगरगढ़), कोलासर (बीकानेर), रामनगर (पूगल) है। उपनिदेशक डॉ. सागर मल शर्मा ने बताया कि योजना का फोकस आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, वनौषधियों का उपयोग, स्वास्थ्य परीक्षण आदि पर रहेगा। योजना में चिकित्सा, शिक्षा, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, वन और सूचना विभाग की साझा भूमिका होगी।
*आरोग्य सखियाँ बनेंगी योजना का आधार*
प्रत्येक पंचायत में आरोग्य मित्र और आरोग्य सखियों का चयन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये ग्रामीणों को घरेलू उपचार, योग-व्यायाम, वनौषधि परिचय, बीपी-शुगर मॉनिटरिंग, बालिकाओं-वरिष्ठ नागरिकों-शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की देखरेख जैसे कार्यों में सहयोग देंगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नोडल अधिकारी प्रियंका तिलानिया, उप निदेशक डॉ. सागर मल शर्मा, डॉ. रिड़मल सिंह राठौड़, डॉ. जितेंद्र सिंह भाटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।