निवाई (लालचंद सैनी): क्षेत्र में भूमाफियाओं को किस कदर अधिकारियों द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। कस्बा निवाई में दशहरा मैदान के पास स्थित खसरों में तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा मिलकर खसरा नंबर 4538/3 व 4538/1 के स्थान को बार-बार बदला जा रहा है। बताया जाता है कि खसरों की साईज में भी परिवर्तन किया गया है, जिससे किसानों में भय का माहौल बना हुआ है, क्षेत्र के किसान डरे हुए लग रहे हैं, आखिर इन अधिकारियों से इतना बड़ा काम कोन करवा रहा है। बताया जाता है कि इस कार्य के पीछे क्षेत्र के भू माफियाओ की पूरी टीम लगी हुई है। जानकारों ने बताया कि इस कार्य में परदे के पीछे से कई राजनेताओं का भी हाथ लगता है।
*तहसीलदार व पटवारी पर से किसानों का उठा विश्वास*
क्षेत्र में तहसीलदार व पटवारी द्वारा मिलकर खसरों की साईज में परिवर्तन करना व उनका स्थान बदलना तथा रकबा घटाने बढ़ाने जैसी हरकत करने के बाद से क्षेत्र के किसानों का विश्वास तहसीलदार एवं पटवारी पर से उठ गया है। बताया जाता है कि ऐसे तो तहसीलदार एवं पटवारी मिलकर किसी की भी जमीन के साथ छेड़छाड़ कर उसको खुर्द बुर्द कर सकते हैं। बताया जाता है कि अगर दोषी अधिकारियों एवं पटवारियों पर कार्यवाही नहीं की गई तो क्षेत्र में इस तरह के और भी कई मामले होने का अंदेशा बना हुआ है।
*जांच में यह होना आवश्यक*
जानकारों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा यहां से तहसीलदार एवं पटवारी का स्थान बदलना बहुत जरूरी है, उनके पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच होना संभव प्रतीत नहीं होता है। जानकारों ने बताया कि अगर किसानों में पुन: राजस्व विभाग के प्रति विश्वास जगाना है तो उच्च अधिकारियों द्वारा मामले में दूध का दूध व पानी का पानी करना होगा।