अलवर: एसीबी विशेष न्यायालय ने अपर आयकर आयुक्त को 7 लाख रुपए रिश्वत मामले में 4 साल की सजा सुनाई है। साल 2017 में एक मामले के निस्तारण के लिए अपर आयकर आयुक्त ने रिश्वत की डिमांड की थी। परिवादी ने 50 हजार रुपए कैश दिए थे और बाकी बचे रिश्वत की राशि के दो चेक आयुक्त को दिए थे। एसीबी की टीम ने आयुक्त को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अधिवक्ता जसवंत सिंह ने बताया कि साल 2017 में बीबीरानी के कोटकासिम स्थित शर्मा मॉडर्न पब्लिक स्कूल शिक्षण समिति के संचालक धनपत सिंह ने समिति के एक पार्टनर अमर सिंह को हटाई जाने की 30 लाख रुपए के मामले को लेकर अपर आयकर आयुक्त द्वारा 7 लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड की गई। परिवारी धनपत सिंह ने मामले की सूचना एसीबी को दी। एसीबी द्वारा मामले का सत्यापन करवाया गया। इस दौरान मामला सही पाया गया इसके बाद ऐसी भी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी ने धनपत सिंह को 50 हजार रुपए नगद और बाकी 6 लाख 50 हजार रुपए के दो चेक दिए। धनपत सिंह अपर आयकर आयुक्त बनवारी लाल के पास पहुंचा। उसने रिश्वत के 50 हजार रुपए कैश दिए और अन्य राशि के दो चेक दिए। जैसे ही बनवारी लाल ने रिश्वत की राशि ली। इस दौरान एसीबी ने उनको गिरफ्तार कर लिया। यह मामला न्यायालय में चला। लगातार मामले की सुनवाई चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से 26 साक्षय न्यायालय में पेश किए गए। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपर आयकर आयुक्त बनवारी लाल को दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई है। साथ में अपर आयकर आयुक्त पर विभिन्न धाराओं में अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय में सजा मिलने के बाद अपर आयकर आयुक्त को जेल भेज दिया गया।
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