जयपुर: चिकित्सकों के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा पीएचसीसी कनेक्ट 2025 (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर, मानसरोवर, जयपुर द्वारा 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर होटल मैरियट, जयपुर पर किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकों एवं उपचार पद्धतियों से अवगत कराना था। इस सीएमई कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ स्ट्रेटेजी द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किये गये। प्रमुख विषयों में डॉ.जीएल शर्मा (वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ) द्वारा स्टेमी प्रबंधन 2025, डॉ.पीयूष जोशी (हृदय रोग विशेषज्ञ) द्वारा पोस्ट पीसीआई रोगी में एंटीप्लेटलेट प्रबंधन और डॉ.आशा शर्मा (स्त्री रोग विशेषज्ञ) द्वारा रेलुगोलिक्स संयोजन थेरेपी द्वारा गर्भाशय फाइब्रॉएड से जुड़े एचएमबी में भूमिका शामिल हैं। वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए रोगी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सीएमई कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं अत्यंत उपयोगी बताया। राजस्थान के सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.जीएल शर्मा, चेयरमैन-प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर ने ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सकों को अध्ययन रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक सशक्त कदम हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन में 300 से भी अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेष रूप से डॉ.जीएल शर्मा, डॉ.पीयूष जोशी, डॉ.आशा शर्मा, डॉ.मनीष मुंजाल, डॉ.अशोक गर्ग, डॉ.रोहित सिंह, डॉ.गणपत देवपुरा, डॉ.असवनी बिलंदी, डॉ.निखिल खंडेलवाल, डॉ.नवीन गुप्ता, डॉ.हिमांशु शर्मा, डॉ.प्रियंका पारासर, डॉ.नम्रता जैन, डॉ.मुस्कान जैन, डॉ.आयुषी शर्मा उपस्थित रहे।