राजस्थान के IAS- IPS के बीच घमासान: सुधांश पंत और भास्कर ए. सावंत के खिलाफ पंकज चौधरी ने खोला मोर्चा

AYUSH ANTIMA
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जयपुर: राजस्थान के चर्चित आईपीएस पंकज चौधरी एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। उन्होंने सीनियर आईएएस सुधांश पंत और भास्कर ए. सावंत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल पंकज चौधरी को एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में जाना था। ट्रेनिंग को स्पॉन्सर करने वाली संस्था की ओर से निमंत्रण मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने फाइल भेजकर गृह विभाग से अनुमति मांगी। आईपीएस पंकज चौधरी को ट्रेनिंग पर जाने की अनुमति वाली यह फाइल दो महीने तक टेबल पर पड़ी रही। इस फाइल पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर आईपीएस पंकज चौधरी ने अब सीनियर आईएएस सुधांश पंत और भास्कर ए. सावंत के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।

*जेल की हवा खा चुके IAS को क्यों भेजा ट्रेनिंग पर*

वर्ष 2009 बैच के आईपीएस पंकज चौधरी ने राज्य के मुख्य सचिव रहे सीनियर आईएएस सुधांश पंत और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत के खिलाफ कोर्ट में याचिका पेश की है। चौधरी ने आरोप लगाया कि पंत और सावंत ने गलत मंशा के चलते पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजी गई फाइल को रोका। दो महीने से फाइल गृह विभाग में थी लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया। चौधरी का कहना है कि इन्हीं दोनों आईएएस अफसरों ने एक भ्रष्ट आईएएस को ट्रेनिंग पर भेजने की सिफारिश की, जो भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुका था और लंबे समय तक सस्पेंड रहा। उन्होंने कहा कि फाइल पर कोई फैसला नहीं लेना नियम विरुद्ध है।

*ट्रेनिंग पर कोलकाता जाना था पंकज चौधरी को*

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आईआईएम का एक ट्रेनिंग प्रोग्राम 17 से 21 नवंबर तक हो रहा है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को स्पॉन्सर करने वाली संस्था बीपीआरडी नई दिल्ली की ओर से आईपीएस पंकज चौधरी को नामित किया था। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता मिलने पर आईपीएस पंकज चौधरी ने कहा कि किसी भी ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की ओर से दो महीने पहले गृह विभाग को फाइल भेजी गई थी। 13 और 14 नवंबर को भी इस संबंध में रिमाइंडर भेजा गया लेकिन फाइल पर कोई फैसला नहीं हुआ और 17 नवंबर से ट्रेनिंग प्रारंभ हो गई।

*भ्रष्टाचार के मामले में जेल गए आईएएस को भेजा था ट्रेनिंग पर*

राज्य सरकार ने इसी वर्ष आईएएस अनिल अग्रवाल को एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए मसूरी जाने की अनुमति दी थी। करीब एक महीने तक आईएएस अनिल अग्रवाल मसूरी में आयोजित ट्रेनिंग में शामिल हुए। यह वही अनिल अग्रवाल हैं, जो वर्ष 2016 में जेल गए थे। एनआरएचएम (आईईसी) रिश्वत केस में एसीबी ने आईएएस अनिल अग्रवाल को 17 मई 2016 को गिरफ्तार किया था। अगस्त 2016 में वे जमानत पर छूटे। हालांकि बाद में कार्मिक विभाग ने एसीबी को आईएएस अनिल कुमार अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस चलाने की मंजूरी देने से इंकार कर दिया था।

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