जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): वर्धमान महावीर खुला विवि के जयपुर क्षेत्रीय केन्द्र पर बुधवार को संविधान दिवस पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें सभी केन्द्रों के लिए ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया। राजस्थान विवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.अशोक शर्मा ने अपने उदबोधन में संविधान की महत्ता और विशेषता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश में कानून सबसे उच्च जगह पर होते हैं और कानून से ही देश का संचालन होता है। उन्होंने मूल अधिकारों और कर्त्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। प्रो.शर्मा ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने 60 देशों के संविधानों का गहन अध्ययन किया और इसके बाद भारत का संविधान मूर्त रूप ले सका। प्रो.शर्मा ने कहा कि सर्व समावेशी समाज तभी बनेगा, जब राष्ट्रीयता की अलख देश में जगेगी। कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने कार्यक्रम पर हर्ष जताया और कहा कि आज देश में जो कुछ भी हो रहा है, वह संविधान सम्मत हो रहा है और भारत का संविधान सर्वोत्तम है। जयपुर केन्द्र के निदेशक डॉ.अकबर अली ने प्रो.शर्मा का स्वागत और आभार जताया। डॉ.रेनू ने कार्यक्रम का संचालन किया। वीएमओयू कोटा से भी सभी स्टाफ सदस्य ऑनलाइन लेक्चर में जुड़े रहे। इस संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो.अशोक शर्मा ने संविधान दिवस की जानकारी देते हुए संविधान और राष्ट्रवाद के बीच के संबंधों पर चर्चा की और युवाओं को संविधान के महत्व के बारे में जागरूक किया। प्रो.अशोक शर्मा ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, समानता और न्याय की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल सिद्धांतों को समझने और विकसित भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर क्षेत्रीय केन्द्र, जयपुर के निदेशक डॉ.अकबर अली ने मुख्य वक्ता प्रो.अशोक शर्मा और उपस्थित विश्वविद्यालय के कर्मचारी और विद्यार्थियों का स्वागत किया।
क्षेत्रीय केन्द्र के सहायक कुलसचिव आलोक शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।