सिंघानिया परिसर में मनाया गया बाल दिवस: हँसी, उत्साह और उमंग का पर्व

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी परिसर में बाल दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया, जिसे विश्वविद्यालय तथा नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल ने संयुक्त रूप से आयोजित किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट राजकुमार यादव, चेयरमैन, राजस्थान ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, जखराना उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ.अमित गुप्ता (एमडी, सीएल पब्लिक स्कूल, नारनौल), अजय यादव (निदेशक, राम प्रसाद बोहरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल,बुहाना) तथा महीपाल यादव (प्रधानाचार्य, राव घीसाराम स्कूल, सिमानी) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार (रिटायर्ड आईएएस) ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पौधारोपण से हुआ, जिसके पश्चात सरस्वती वंदना के साथ औपचारिक उद्घाटन किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत पौधा और शॉल भेंटकर किया गया।विश्वविद्यालय के कैंपस डायरेक्टर प्रोफेसर पीएस जस्साल ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया और बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे आने वाले कल के कर्णधार हैं और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव इन्हीं के मजबूत हाथों में निहित है। मुख्य अतिथि राजकुमार यादव ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार की प्रशंसा की और उनके अल्प कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय परिवर्तनों की सराहना की। उन्होंने संस्थापक डीसी सिंघानिया जी को स्मरण करते हुए उनके योगदान, मूल्य और आदर्शों को साझा किया और कहा कि उनकी विरासत आज भी संस्था की प्रगति का आधार बनी हुई है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट डॉ.मनोज कुमार ने संस्थापक डीसी सिंघानिया जी के दूरदर्शी विज़न को साझा करते हुए बताया कि उनका उद्देश्य सदैव गुणवत्तापूर्ण और मूल्य-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चेयरमैन रवि सिंघानिया के मार्गदर्शन में रोजगार-परक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु विश्वविद्यालय में हर स्तर पर आधुनिक और व्यावहारिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल अर्जित कर सकें। विशिष्ट अतिथि डॉ.अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का सही और सकारात्मक उपयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है जब उसका प्रयोग ज्ञानवर्द्धन, प्रगति और रचनात्मक कार्यों की दिशा में किया जाए। अजय यादव ने बच्चों को अपने मूल संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने की प्रेरणा दी। वहीं महीपाल यादव ने बच्चों को करियर के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी और जीवन में आत्म-अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुशासन ही सफलता की पहली सीढ़ी है और नियमित प्रयास व्यक्ति को लक्ष्यों तक पहुँचाते हैं। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक और नृत्य ने समारोह में ऊर्जा भर दी, जबकि विदेशी छात्रों की संगीत प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं छोटे बच्चों के प्रदर्शन ने विशेष रूप से सभी का मन जीता।समारोह का समापन नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ.विजय कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर स्कूल एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, साथ ही सभी गणमान्य शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे बाल दिवस का यह आयोजन पूर्णतः सफल और यादगार रहा।

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