निवाई (लालचंद सैनी): क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा खाद की बेखौफ कालाबाजारी की जा रही है। किसानों ने बताया कि दुकानदारों द्वारा यूरिया का दाम 330 से 350 रुपए तक वसूला जा रहा है जबकि सरकार द्वारा 268 रुपए निर्धारित किया गया है। दुकानदारों द्वारा खाद की कालाबाजारी रात के अंधेरे में की जा रही है। बताया जाता है कि ऑन रिकॉर्ड दुकानदारों के पास खाद नहीं होने पर भी रात के अंधेरे में खाद की बिक्री की जा रही है। जानकारी के अनुसार दुकानदार के पास खाद की गाड़ी आने पर उसमें से कुछ कट्टे रिकॉर्ड के अनुसार वितरित किए जाते हैं, उसके बाद फर्जी आधार कार्ड लगाकर स्टॉक को काट देते हैं और उस खाद को ब्लैक में बेचा जाता है। बताया जाता है कि दुकानदार द्वारा किसानों को खाद का बिल भी नहीं दिया जाता है, किसानों द्वारा बिल मांगने पर उनको खाद देने के लिए मना कर दिया जाता है। दुकानदार किसानों से पैसे लेकर उनको कच्ची पर्ची में खाद के कट्टे लिखकर देता है, इसके बाद किसानों को गोदाम से कट्टे दिए जाते हैं। किसानों ने बताया कि अधिकारियों को शिकायत करते हैं तो अधिकारी भी दुकानदारों का पक्ष लेते हैं और कहते हैं कि अभी बाजार में खाद नहीं है, खाद आने पर वितरण करवाया जाएगा जबकि दुकानदारों द्वारा सुबह शाम के समय में खाद की अवैध कालाबाजारी धडल्ले से की जा रही है, जिससे क्षेत्र के किसान मायूस नजर आ रहे हैं।
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