झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिला गोपालन समिति की बैठक समिति अध्यक्ष एवं जिला कलक्टर डाॅ.अरूण गर्ग की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिला गोपालन समिति के सदस्य सचिव डाॅ.शिव कुमार सैनी ने समिति सदस्यों के समक्ष एजेण्डेवार बिन्दू प्रस्तुत किये। जिसमें जिला गोपालन समिति द्वारा ग्राम पंचायत गौशाला/पशु आश्रय स्थल जन सहभागिता योजनान्तर्गत चयनित ग्राम पंचायत सीथल तथा श्री मुकुन्दगढ पिंजरापोल समिति गौशाला घोड़ीवारा खुर्द को गौशाला निर्माण हेतु प्रथम किश्त 40-40 लाख रूपये की राशि का अनुमोदन किया गया तथा पंचायत समिति नंदीशाला जन सहभागिता योजनान्तर्गत चयनित बाबा सुन्दरदास गोपाल गौशाला समिति जाखल को नंदीशाला निर्माण हेतु प्रथम किश्त 62 लाख 80 हजार रूपये की राशि का अनुमोदन किया गया। संयुक्त निदेशक सैनी ने बताया कि अब तक चार ग्राम पंचायत गौशालाओं को जिसमें प्रत्येक गौशाला को 40 लाख रूपये की प्रथम किश्त के रूप में अनुमोदन कर गोपालन विभाग को भिजवाया जा चुका है। जिसमें से एक गौशाला श्री सिद्वी विनायक रामनारायण जी गौशाला समिति बिन्जूसर को 40 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत गौशाला को प्रथम किश्त के पूर्ण उपयोग पश्चात 50 लाख रूपये का ओर राशि का आवंटन दो किश्तो में किया जायेगा तथा नंदीशाला बाबा सुन्दरदास गोपाल गौशाला समिति जाखल द्वारा प्रथम किश्त 6280000 रूपये के पूर्ण उपयोग पश्चात 78 लाख 50 हजार रूपये की और राशि का आवंटन दो किश्तो में किया जायेगा। जिला गोपालन समिति द्वारा सात गौशालाओं में अनियमितत्ता पाये जाने पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के द्वितीय चरण की सहायता राशि हेतु अपात्र घोषित किया गया है तथा उक्त अपात्र गौशालाओं के भौतिक सत्यापन में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु विभाग को पत्र लिखा गया है।
जिला कलक्टर डाॅ.अरूण गर्ग द्वारा सार्वजनिक स्थलो एवं सड़को पर खुले में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश को गौशालाओं/नंदीशालाओं में स्थानान्तरित किये जाने के संबंध में विभिन्न विभागों को दिशा-निर्देश जारी किये गये, जिसके क्रम में दो गौशालाओं द्वारा निराश्रित गौवंश को लेने से मना करने पर उनको नोटिस जारी किये गये तथा उन्हे चेताया गया कि भविष्य में निराश्रित गौवंश को लेने से मना करने पर नियमानुसार अनुदान राशि बंद कर दी जायेगी। सैनी ने बताया कि जिला गौपालन समिति की मंशा है-अनुदान का समुचित उपयोग बेसहारा गौवंश के पालन पोषण में ही किया जाये, जिससे कि सड़को पर बेसहारा गौवंश की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके, साथ ही किसानों की फसलों को भी बचाया जा सके। बैठक में लेखाधिकारी डाॅ.सतीश कुमार, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग डाॅ.राजेन्द्र लाम्बा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश कुमार, नगर परिषद के सहायक अभियंता रोहित कुमार, सहकारी समितियो के उप रजिस्ट्रार अशोक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।