धार्मिक उपदेश: धर्म कर्म

AYUSH ANTIMA
By -
0


बाबा, कहु दूजा क्यों कहिये, तारौं इहि संसै दुख सहिये॥ यहु मति ऐसी पशुवां जैसी, काहे चेतत नांही। अपना अंग आप नहिं जानै, देखै दर्पण माही॥ इहि मति मीच मरण के ताई, कूप सिंह तह आया। डूबि मुवा मनि मरम न जान्यां, देखि आपनी छाया॥ मद के माते समझत नाहीं, मैंगल की मति आई। आप आप आप दुःख दीया, देखि आपणी झांई॥ मन समझौ तौ दूजा नाही, बिन समझै दुख पावै। दादू ज्ञान गुरु का गांही, समझि कहां थें आवै॥ संतप्रवर श्रीदादू दयाल जी महाराज कहते हैं कि हे तात ! जब सर्व खलु ब्रह्मैव इत्यादि श्रुतियों से सब कुछ ब्रह्म ही है तो फिर यह द्वैत कहां से आ गया यह आप ही बतलाइये। श्रुति सिद्ध अद्वैत के होते हुए द्वैत किसी भी प्रकार से सिद्ध नही हो सकता, किन्तु भ्रान्ति से द्वैत की प्रतीति होती है। जैसे एक ही चन्द्रमा चक्षु दोष के कारण दो दीखते हैं। ऐसे ही आत्मा में भ्रान्ति से द्वैत प्रतीत होता है। नील और उसका ज्ञान एक साथ ही प्रतीत होते हैं। अत:नील और उस के ज्ञान में भेद नहीं है। भेद तो भ्रान्तिज्ञान जन्य है। भ्रान्ति से ही जीव क्लेशों को सहता है। द्वैत बुद्धि तो पशु बुद्धि है। इसको छोडकर सुखी हो जाओ। जैसे कुत्ता दर्पण मै अपने मुख को देखकर अपने को उस दर्पणस्थ कुत्ते से भिन्न मान कर भौंकता है और अपने ही शिरताडन के आघात से मर जाता है। जैसे शशक के कहने में आकर सिंह कूप में गिर मर गया। जैसे मदोन्मत हाथी चमकीले पत्थर में अपना प्रतिविम्ब देख कर दूसरा हाथी मानता हुआ उस पत्थर से टकरा टकरा कर मर जाता है। अहो यह द्वैत बुद्धि भय और मरण को देने वाली है। अत: उसको त्याग कर अद्वैत में अपनी बुद्धि को स्थिर करो। ज्ञान के द्वारा अज्ञान की निवृत्ति होती है और ज्ञान गुरु की सेवा से मिलता है इसलिये गुरु की शरण में जाकर ज्ञान प्राप्त करके सुखी हो जाओ। गीता में कहा हे अर्जुन ! तू तत्वदर्शी ज्ञानियों की शरण में जाकर उनकी सेवा तथा नमस्कार आदि के द्वारा प्रसन्न करके उनको निष्कपट भाव से पूछ, तब वे परमार्थ तत्व के ज्ञाता महात्मा तुम को तत्वज्ञान का उपदेश करेंगे, जिसको तू जानकर फिर मोह को प्राप्त नहीं होगा। हे अर्जुन ! जिस ज्ञान के द्वारा तू संपूर्ण भूतों को नि:शेष भाव से पहले अपने में तथा बाद में सच्चिदानन्दघन परमात्मा में देखेगा।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!