निवाई (लालचंद सैनी): परम्परागत कृषि विकास योजना के तहत मूंडिया में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें ग्राम पंचायत मूंडिया, राहोली, सैदरिया खुर्द, चैनपुरा और चनानी के किसानों ने भाग लिया। सहायक कृषि अधिकारी पंकज अग्रवाल ने किसानों को जैविक खेती के महत्व और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से न केवल उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। कृषि विज्ञान केंद्र वनस्थली के डॉ.सुधीर कुड़ी ने जैविक खेती में उपयोग होने वाले जैविक उत्पाद, जीवामृत, जैविक कीटनाशक, फसल चक्र और मलचिंग जैसी तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक रंगलाल माली ने वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की प्रक्रिया समझाई। इस दौरान वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक प्रधान गुर्जर ने परम्परागत कृषि विकास योजना में चयनित किसानों को वर्मी बेड तैयार करने की विधि से अवगत कराया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका तंवर, उप सरपंच मदनलाल मीणा, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक एनफील्ड लाल, हेमराज लांबा, कृषि पर्यवेक्षक हंसराज बैरवा, अशोक कुमार बैरवा व पंचायत सहायक अनीता बैरवा सहित कई कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर किसानों को सरसों के खेत का निरीक्षण करवाया गया।
कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला किसानों को दी जैविक खेती व रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी
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November 16, 2025
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