शेखावाटी के धार्मिक स्थलों के सौंदर्यकरण को लेकर सरकार कितनी गंभीर

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शेखावाटी अंचल सेठ साहूकारों, भामाशाहों को जन्म देने वाली व वीर प्रसूता के नाम से विख्यात है। यह साधु संतों की तपोभूमि होने का गौरव हासिल होने के साथ ही विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी, सालासर बालाजी दरबार, राणी सती मंदिर, लोहार्गल, जीण भवानी व शाकम्बरी माता शेखावाटी अंचल में स्थित है। डबल इंजन सरकार के गठन के बाद शेखावाटी के धार्मिक स्थलों के सौंदर्यकरण की बहुत बातें सुनने को मिली लेकिन यह शायद कागजों से या भाषणों से बाहर नहीं निकली। आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) ने सामाजिक सरोकार व जनहित के मुद्दों को सर्वोपरि मानते हुए यथार्थ व सटीक पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में आज़ शाकंभरी माता मंदिर को जाने वाली जीर्ण-शीर्ण सड़क का ध्यान जनप्रतिनिधियों व‌ सरकार का आकृष्ट करने के साथ ही जनता की अदालत में रखा है। शायद ही ऐसा कोई महीना होगा कि कोई जन प्रतिनिधि, सरकार का मंत्री मां शाकम्बरी के दरबार में माथा टेकने न आता हो लेकिन उनको यह टूटी फूटी सड़क दिखलाई नहीं देती। इस सड़क की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों व सरकार में बैठे नेताओं को भी अवगत करवाया, यहां तक कि राजस्थान के उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद भी इस सड़क का निर्माण नहीं हो सका। इस धार्मिक स्थल पर रोज हजारों श्रद्धालु मां शाकम्बरी के दरबार में आते हैं लेकिन उनका भी यह ज्वलंत प्रश्न रहता है कि आखिर इस सड़क के भाग्य कब जागेंगे। भजन लाल शर्मा सरकार धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार व सौंदर्यकरण के बहुत बड़े बडे दावे करती है लेकिन इन दावों की पोल खोलती जीर्ण शीर्ण अवस्था में यह सड़क है, जो सालों से अपने नव निर्माण का इंतजार कर रही है।

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