अलवर: संविधान दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बार संघ, अलवर के संयुक्त तत्वावधान में अभिभाषक सभागार एवं पुस्तकालय में एक भव्य विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा जारी एक्शन प्लान के तहत जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनंत भंडारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अधिवक्ता विक्रांत द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से की गई। उन्होंने संविधान दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि एमएसीटी न्यायाधीश मीनाक्षी शर्मा ने संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और न्यायपालिका की संवैधानिक शक्तियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोहन लाल सोनी ने “न्याय आपके द्वार” अभियान, लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े कानूनी अधिकार तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में सरल व विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करवाया जाना शामिल रहा। सभी उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक “हम भारत के लोग...” से आरंभ होने वाली प्रस्तावना का वाचन किया, जिससे संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता झलकती है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान मीनाक्षी शर्मा, पोक्सो न्यायाधीश हिमांकनी गौड़, शिल्पा समीर, अध्यक्ष पीएलए जेपी मोगा, सचिव बार संघ पंकज शर्मा, डिफेंस काउंसिल चीफ महेश गोठवाल सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विधिक जागरूकता के प्रसार एवं संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व सफल पहल सिद्ध हुआ।