झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): ज़िले के संतौर गाँव में वीर चक्र पुरस्कार से सम्मानित नायब सूबेदार शहीद हरीराम यादव की पुण्यतिथि पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, युवाओं और विद्यार्थियों ने उपस्थित होकर शहीद को नमन किया। इस अवसर पर सिंघानिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने यह घोषणा करते हुए गर्व व्यक्त किया कि सिंघानिया विश्वविद्यालय के खेल मैदान का नाम ‘रेजांगला वॉरियर्स’ रखा जाएगा, ताकि शेखावाटी क्षेत्र के युवा अपने वीर पूर्वजों की गौरवगाथा से सदैव जुड़े रहें। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में सभी सैन्यकर्मियों के बच्चों को सभी पाठ्यक्रमों में 35% विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही हैं, जिससे उन्हें शिक्षा के अवसरों में विशेष सहायता मिल सके। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि अजीत सिंह ने 1962 के रेजांगला युद्ध की वीरता का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे 13 कुमाऊँ रेजिमेंट के लगभग 120 भारतीय सैनिकों ने 5000 से अधिक चीनी सैनिकों के सामने अदम्य साहस के साथ लड़ाई लड़ी। इस युद्ध में 114 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए। यह लड़ाई 18 नवंबर 1962 को दिवाली के दिन, 18,000 फीट की ऊँचाई और -40°C तापमान पर लड़ी गई थी। कार्यक्रम में आठ दिन तक चले क्रिकेट टूर्नामेंट के विजेताओं को ट्रॉफियाँ और नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता के परिणामों में नांगल काठा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रसूलपुर/कलाखारी द्वितीय तथा वसीरपुर तृतीय स्थान पर रहे। महिला प्रतिभागियों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिंघानिया विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट एवं कैंपस डायरेक्टर प्रो.पीएस जस्सल, प्रो-प्रेसिडेंट एवं सीएफओ सुनील कुमार सोबती, प्रो-वाइस चांसलर डॉ.पवन त्रिपाठी, सलाहकार भूप सिंह रंगा और मास कम्युनिकेशन विभाग के विभाध्यक्ष प्रो.डॉ.मनोज वर्गीज सहित आस पास के क्षेत्रों के कई गणमान्य उपस्थित रहे।
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