सतत विकास की दिशा में एआई एकीकृत स्मार्ट ई-मोबिलिटी" पर 5 दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल समापन

AYUSH ANTIMA
By -
0


जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी), जयपुर द्वारा आयोजित "सतत विकास की दिशा में एआई एकीकृत स्मार्ट ई-मोबिलिटी" पर 5 दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला 22 नवम्बर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह कार्यशाला ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित की गई थी, जिसमें देश से कई विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग पेशेवरों ने भाग लिया। इस कार्यशाला ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा का अवसर प्रदान किया। कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों ने एआई-आधारित ग्रिड ऑप्टिमाइजेशन, स्मार्ट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक वाहनों (इ.वी.) के जीवन चक्र पर्यावरणीय प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया। इस कार्यशाला ने एआई-संलग्न स्मार्ट ई-मोबिलिटी के भविष्य के लिए शोध, प्रौद्योगिकियों और नीतियों पर चर्चा करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। 
*कार्यशाला के अंतिम दिन में दो प्रमुख सत्र आयोजित किए गए*

* सुश्री नेहा सक्का ने "सोलर आधारित इ.वी. चार्जिंग हब: नीतियां और पावर खरीद" पर अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से ई-मोबिलिटी क्षेत्र में बदलाव के बारे में बताया।

* कार्यशाला का समापन "इनोवेशन शोकेस" सत्र के साथ हुआ, जिसे प्रोफेसर रोहित भाकर ने प्रस्तुत किया। इस सत्र में एआई और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान और विकास को साझा किया गया। कार्यशाला के दौरान, प्रमुख वक्ताओं जैसे डॉ.श्रीनू श्रीकुमार, डॉ.सीमा नहलानी, डॉ.नीरज कँवर, डॉ.अंजली जैन, डॉ.आभा जैन, विकास महला और अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए, जिनमें एआई-आधारित अनिश्चितता अनुमान और सतत ई-मोबिलिटी के लिए नीतियां शामिल थीं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित इस कार्यशाला ने वैश्विक स्तर पर प्रतिभागियों को एक मंच पर लाकर नए विचारों और सहयोगों को जन्म दिया। यह कार्यशाला एआई और ई-मोबिलिटी के एकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और नीति निर्धारकों के बीच नए सहयोग स्थापित करने का अवसर बनी। विभागाध्यक्ष डॉ.अंकुश टंडन, प्रो.सरफराज नवाज़, डॉ.तरुण नरुका ने कार्यशाला के उन्नत संचालन में भरपूर सहयोग दिया और प्रोत्साहित किया। कार्यशाला का समन्वय सुश्री स्मृति जैन ने किया, जबकि इसका आयोजन डॉ. सुमन शर्मा (सहायक प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने किया।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!