झुंझुनूं (श्रीराम इंदौरिया): जिले में जहां सनातन धर्म के धार्मिक आयोजनों को लेकर यदि किसी का नाम अग्रिम पंक्ति में आता है तो वह नाम है भाजपा नेता महेश बासावतिया का। सनातन धर्म के प्रति समर्पण व संवेदनशीलता को देखते हुए पुजारी सेवक महासंघ (रजि) ने उनके प्रतिभाशाली व्यक्तित्व को देखते हुए उन्हें जिले के संयोजक पद पर सेवाएं देने को लेकर नियुक्त किया। बसावतिया ने शेखावाटी के मंदिर के पुजारियो की आवाज बनकर हर मंच पर उनकी समस्याएं उठाकर सरकार के संज्ञान में लाने के लिए प्रयत्नशील है। विप्र समाज के प्रति उनके समर्पण भाव को देखते हुए विप्र समाज के प्रमुख सामाजिक संगठन विप्र सेना ने उनको प्रदेश प्रमुख उपाध्यक्ष बनाया। विप्र सेना के बैनर तले विप्र समाज की सरकार के प्रति अनदेखी को लेकर उन्होंने भजन लाल शर्मा सरकार से विप्र कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन की पुरजोर मांग की। बसावतिया का मानना है कि जब प्रत्येक समाज के कल्याण बोर्ड का गठन सरकार कर चुकी है तो विप्र कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन में आखिर देरी क्यों हो रही है। इसके साथ ही उनकी मांग रही है कि बोर्ड की कमान ऐसे विप्र गौरव को सौंपी जाए जो समाज के प्रति समर्पण भाव रखें। जिले मे सनातन धर्म के धार्मिक आयोजनों को लेकर बसावतिया अपनी निर्णायक भूमिका में नजर आते हैं। बसावतिया के संयोजन में झुंझुनूं के इतिहास में एक ऐतिहासिक श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ संपन्न हो चुका है। सनातन धर्म के पुरोधा साधु संतों से उनका विशेष लगाव रहता है क्योंकि बसावतिया का मत है कि सनातन धर्म की रक्षा इन्हीं के द्वारा संभव है। बसावतिया की धार्मिक आस्था व सामाजिक सरोकार इसी बात से लेकर परिलक्षित होता है कि उनके संयोजन में झुंझुनूं में करीब 22 श्रीमद्भागवत कथा, शिव पुराण व नानी बाई को मायरो के धार्मिक आयोजन हो चुके है।
राजनीतिक क्षेत्र में भी बसावतिया के स्वर्गीय भैरोसिंह शेखावत से लेकर वसुंधरा राजे तक उनके निकटतम संबंध रहे हैं। आज भी बसावतिया भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता व भाजपा के सिध्दांतों के प्रति समर्पित है।