पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): पिलानी, जो कभी शिक्षा की नगरी के नाम से विख्यात रहा है। सरस्वती के पुत्रों ने इस धरा को कभी नापाक नहीं होने दिया। कालांतर में समय बदला और पिलानी की शिक्षा नगरी की आभा पर ग्रहण लग गया और अनैतिक गतिविधियों का गढ़ हो गया। कानून का भय खत्म होने के साथ ही यहां अनैतिक गतिविधियों का अड्डा बनने की खबरें सुर्खियां बटोरने लगी। अपराधिक मामलों में लिप्त लोग इतने बैखोफ हो गये कि इनके खिलाफ आवाज को उठाने वाले की आवाज को सदा के लिए बंद करने पर आमादा हो गये। सूत्रों की मानें तो एक सामाजिक कार्यकर्ता समुद्र सिंह शेखावत जो दवा व्यवसायी है, जब वे अपनी दुकान से घर स्कूटी पर जा रहे थे तो उनकी स्कूटी को कैपर ने जान बूझकर टक्कर मारी। हालांकि शेखावत बाल बाल बच गये और प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। शेखावत ने आरोप लगाया कि एक होटल में अनैतिक गतिविधियों को लेकर उन्होंने आवाज उठाई थी, जिसको हमारा सभ्य समाज मान्यता नहीं देता, उसी का नतीजा यह कथित दुर्घटना थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरी आवाज़ अब मुखर तरीके से उन गतिविधियों का विरोध करेगी।
पिलानी में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज को दबाने की नाकाम कोशिश
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September 09, 2025
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