*राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने पीड़ित संत, महंत, पुजारी आक्रोश को लेकर दिया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (संजय त्रिवेदी): गुरूवार को पुलिस कमिश्नरेट के सामने शहीद स्मारक परिसर में राष्ट्रीय मठ, मन्दिर संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शासन द्वारा बनाए गए नियमों को प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारी लागू करने में उदासीनता का परिचय देते हैं। इस मौके पर अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद (रजि) की राष्ट्रीय मंत्री (महिला प्रकोष्ठ) श्रीमती अलका शर्मा ने धरना स्थल पर सभी ब्राह्मणों को संबोधित करते हुए नारी शक्ति को साथ लेकर चलने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि यह धरना अभी सांकेतिक है। अगर सरकार मठ मंदिर के अधीक्षक, संत, महंत और पुजारी की सुनवाई नहीं करती है तो सभी संगठनों से ब्राह्मण महिलाएं भी इनके साथ है। यह मुद्दा आज का नहीं है, काफी समय से चला आ रहा हैं। कभी ब्राह्मण को जिंदा जलाया गया, कभी आत्महत्या करने पर मजबूर किया गया या उसे पीट-पीटकर मार डाला गया और उनसे मंदिर से लगी हुई भूमियों को छीनकर अवैध कब्जे करवा दिए गये। इन मामलों से सभी सरकारे भली भांति परिचित हैं परन्तु अभी तक किसी भी सरकार ने ब्राह्मणों की सुरक्षा हेतु कोई कठोर नियम नहीं बनाए और ना ही कोई ऐसा एक्ट लागू किया, जिसके तहत एक ब्राह्मण पुजारी की सुनवाई हो सके। सारा संसार जानता है कि अगर ब्राह्मण ही नहीं होंगे तो सनातन की रक्षा कैसे होगी। जिस सनातन की आप लोग बात करते हैं, उस सनातन को सुरक्षित रखने का काम संत, महंत और पुजारी ही करते है, ये सभी सनातन के रक्षक है। सनातन की रक्षा करने वाले जब सुरक्षित नहीं है तो हम इस सरकार को सनातनी कैसे कहे। हम सभी का सरकार से निवेदन व आग्रह है कि जो पिछली सरकार नहीं कर पाई वह आप करे ताकि सभी का विश्वास आप पर बना रहे। धरना संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट हनुमान सहाय शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष राम पंडा (करोली जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद) के नेतृत्व में हुआ। मुख्य अतिथि गलता पीठाधीश्वर महंत राघवेन्द्र जी महाराज, प्रदेश सचिव कैलाश शर्मा, सर्वशक्ति मित्र मंडल के राष्ट्रीय संयोजक सुरेन्द्र पाराशर सहित अनेक मठाधीश एवं महंत सहित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में मठ मंदिर पुजारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। संचालन ब्राह्मण सभा हिंडौन के अशोक शर्मा ने किया। इस धरने की चार मुख्य मांगे सरकार के समक्ष रखी गई। माफी भूमियां अतिक्रमण मुक्त हो, पुजारी प्रोटक्शन बिल पारित हो, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा प्राप्त हो एवं मंदिर की भूमियों पर अतिक्रमण कराने वाले अधिकारी निलंबित हो।

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