वरिष्ठ अध्यापिका और कवियित्री को हिंदी दिवस पर मिला विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि सम्मान

AYUSH ANTIMA
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लुंबिनी/नई दिल्ली/जयपुर (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राजस्थान के जयपुर की वरिष्ठ अध्यापिका और कवयित्री श्रीमती संगीता शर्मा को विश्व हिंदी दिवस पर सम्मानित किया गया है। इससे पूर्व भी श्रीमती संगीता संस्था द्वारा सम्मानित की जा चुकी है। एक बार पुन: नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा हिंदी दिवस के संदर्भ में आयोजित विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कविता के आधार पर विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि सम्मान से प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है। ज्ञात हो कि वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती संगीता शर्मा, जयपुर जिले में शिक्षिका पद पर कार्यरत हैं। इनकी अनेक रचनाएं रचनाएं देश विदेश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है तथा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। सम्मान ग्रहण करते हुए श्रीमती संगीता शर्मा ने कहा - हम सभी कवि-कवयित्रियों की कविता का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा होना गौरव का विषय है। शब्द प्रतिभा निष्ठा और लगन से देश विदेश के कवि, लेखक और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने का कार्य करती आई है, जो प्रशंसनीय है। आयोजित प्रतियोगिता में देश विदेश से हजारों प्रतिभागियों की सहभागिता थी, जिसमें से उत्कृष्ट कविता के आधार पर 265 कवि कवयित्रियों का चयन किया गया है। श्रीमती संगीता शर्मा को सम्मानित करते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा - श्रीमती संगीता शर्मा बहुआयामिक व्यक्तिव की धनी लेखिका और कवयित्री हैं। इनके लेखन में एक सहजता, सरलता पाई गई है। समाज को रूपांतरण करने की क्षमता है इनकी कविताओं में। श्रीमती संगीता शर्मा जिले की ख्याति प्राप्त स्कूल में अध्यापिका हैं और लब्ध कवयित्री भी हैं। इनकी रचनाएं दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के काव्य संग्रह में प्रकाशित चुकी हैं। विदित हो संगीता शर्मा पिलानी के श्री श्याम मंदिर सेवा समिति के व्यवस्थापक अरूण भौमिया बिल्लू की भांजी है। नेपाल से सम्मान की खबर पाकर श्रीमती संगीता शर्मा को अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद (रजि) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक चिंतक डॉ.राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला व परिचितों ने शुभ कामनाएंँ प्रदान की हैं।

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