काका सुंदर लाल की प्रथम पुण्यतिथि की आड़ में कैलाश मेघवाल का शक्ति प्रदर्शन

AYUSH ANTIMA
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शेखावाटी के नहीं बल्कि राजस्थान के जमीनी स्तर के नेता काका सुंदर लाल की प्रथम पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव कलवा तहसील बुहाना मे स्मृति स्थल का शिलान्यास व पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया। काका सुंदर लाल सात बार विधायक रहने के साथ ही राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। झुन्झुनू जिले में कमल खिलाने का श्रेय काका सुंदर लाल को ही जाता है। अपनी वाकपटुता व हाजिर जबाबी के लिए मशहूर काका ठेठ देशी अंदाज के कारण भी जाने जाते थे। उनकी राजनीतिक विरासत के वारिस कैलाश मेघवाल पूर्व प्रधान इस आयोजन को लेकर काफी हद तक सफल रहे कि राजनीतिक पटल पर लंबी पारी खेलेंगे। इस आयोजन में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, रणवीर गुढ़ा, सुभाष पूनीया, पूर्व सांसद नरेन्द्र खींचड़, राजस्थान सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी के अलावा प्रधान, पूर्व सरपंच व जन प्रतिनिधि मौजूद थे। भारतीय राजनीति में कोई स्थायी मित्र व शत्रु नहीं होता है। पूर्व जिलाध्यक्ष व ओबीसी बोर्ड के सदस्य पवन मावंडिया व कैलाश मेघवाल की राजनीतिक अदावत से शायद ही पिलानी विधानसभा अनभिज्ञ होगी लेकिन अब इन दोनों नेताओं को एकजुट होकर राजनीतिक पिच पर बल्लेबाजी करते देखा जा सकता है। निसंदेह कैलाश मेघवाल का पिलानी विधानसभा की भाजपा की राजनीति में कद बढ़ा है, जो विरोधी खेमे की नींद उड़ानें का काम कर रहा है। वैसे नेताओं की महत्वाकांक्षा के चलते झुन्झुनू जिले में गुटबाजी का आलम है।‌ शायद इसी गुटबाजी का नतीजा है कि नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने अपनी टीम की घोषणा नहीं की है। जिलाध्यक्ष की नई कार्यकारिणी का गठन इस गुटबाजी की आग में घी का काम करेगा। जिस तरह से इस आयोजन में आमजन का उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह है कि काका सुंदर लाल के द्वारा किये गये विकास के काम आज भी उनके हृदय पटल पर अंकित है। निश्चित रूप से यह आयोजन कैलाश मेघवाल के राजनीतिक भविष्य की दिशा व दशा तय करेगा।

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