झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): ऋषि सेवा समिति चूरू एवं झुंझुनूं के सनातन प्रेमियों द्वारा खेमी शक्ति रोड के मुनि आश्रम स्थित सुवादेवी पाटोदिया सभागार में आयोजित भागवत कथा के विश्राम दिवस अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता काशी निवासी पूज्य राघव ऋषि जी ने कहा कि प्रभु जीव का भाव एवं संसार प्रभाव देखता है। मनुष्य स्वभाव के आगे हार जाता है। अपने स्वभाव को प्रकृति के वशीभूत करने वाला जीव सुखी हो जाता है "भाव का भूँखा हूँ मैं, भाव ही बस सार है। भाव से मुझको भजे तो उसका बेड़ा पार है। पूज्य ऋषि जी के एकमात्र सुपुत्र सौरभ ऋषि ने "सब हो जाए भव से पार" भजन गाया तो सभी लोग भावविभोर हुए पूरा पांडाल झूमने लगा। उद्धव प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि भक्ति को यदि ज्ञान का साथ होता है तो जीव पूर्ण बनता है। ज्ञान, प्रेम के बिना निरर्थक है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य तीनों का समन्वय होने से प्रभु मिलन होता है। थोथा ज्ञान अभिमान को लाता है जबकि भक्ति नम्रता को लाती है। महाराज जी ने कहा कि कथा सुनकर जीवन में उतारने से कथाश्रवण सार्थक होता है। प्रभु का नाम संकीर्तन सभी पापों को नष्ट करता है व दुखों को शान्त करता है ऐसे हरि भगवान को हम सभी नमन करते हैं। सौरभ ऋषि ने “ओ गोवर्धन वारे” तथा "श्री बांके बिहारी लाल मन रखियो अपने चरणन में" भजन गाया तो समस्त श्रोतागण अश्रुपूरित नेत्रों से भावपूर्ण नृत्य करने लगे। पोथीपूजन एवं व्यास पूजन की प्रक्रिया श्री राजेश ओझा द्वारा संपन्न किया गया। समिति द्वारा संगीत सहयोगियों एवं भूदेवों को सम्मान स्वरुप स्मृतिचिन्ह भेंट किए गए। संयोजक अनिल कल्याणी द्वारा आयोजन को भव्य बनाने हेतु समस्त सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया साथ ही उपस्थित जनसमूह का सादर आभार प्रकट किया गया। मातृशक्ति की अभिरुचि एवं कथा विश्राम पर उनकी भावुकता कार्यक्रम का अविस्मयी पल रहा। सायं 7 बजे से पूज्य ऋषिजी द्वारा निःशुल्क ज्योतिष परामर्श जन्म पत्रिका के माध्यम से प्रदान किया गया। कथा आरती में विशेष रूप से समिति के हुक्मी चन्द लोहिया, नवल किशोर जाखोटिया, महेश पारीख, सुशील लोहिया, राजेश सोनी, रमेश गुप्ता, मनीष बजाज, मुरारीलाल कंदोई सहित झुंझुनूं से गणेश हलवाई चिडावावाला, राजकुमार मोरवाल, सुभाष जालान, डॉ. डी. एन. तुलस्यान, महेश बसावतिया, परमेश्वर हलवाई, रामचन्द्र शर्मा पाटोदा, संदीप गोयल, रामचंद्र ठठेरा आदि अपार भक्त श्रद्धालुओं ने इस वर्ष के कथा विश्राम की आरती की।
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