बीकानेर (श्रीराम इंदौरिया): बीकानेर तकनिकी विश्वविद्यालय में गोद लिए गांव शोभासर व बडी ढानी, कुम्हारन, कानासर में कंप्यूटर साक्षरता पर व्याख्यान दिया गया। कुलगुरु डॉ.अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि गांव के विद्यार्थियो को जागरूक करना हमारा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कंप्यूटर के बिना आज के समय की कल्पना करना भी मुश्किल है। यह हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, जो रोजमर्रा के कामों से लेकर दफ्तर, अस्पताल आदि में भी काम आता है। इसलिए कंप्यूटर साक्षरता को हर व्यक्ति हर गांव तक पहुंचाना जरूरी है। भारत में कंप्यूटर साक्षरता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि यह आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों के लिए महत्वपूर्ण है। डिजिटल कौशल नौकरी के नए अवसर पैदा करते हैं और उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं, जिससे आर्थिक विकास होता है।
डॉ.अनु शर्मा, डॉ.प्रीति पारीक नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संचालिका ने कहा कि आज का युग डिजिटल युग है। हर क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजनेस, मनोरंजन, लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर की जरूरत है। ऐसे में कंप्यूटर लिट्रेसी का होना बेहद जरूरी हो गया है। कंप्यूटर के बारे में जानकारी होने से व्यक्ति न केवल अपने रोज के कामों को आसानी से कर सकता है, बल्कि वह कई नए अवसरों का फायदा भी उठा सकता है। बी.टेक. छात्र, कंप्यूटर साइंस, बीटीयू देवाशीष किवया, प्रीति सिंह और मीनल सोनी ने विद्यार्थियों को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर कैसे काम करता है और ईमेल के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि हम सूचना को दूसरे स्थान पर कैसे भेजते हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम की जानकारी भी दी। कंप्यूटर के दुरुपयोग के नुकसान के बारे में बताया।