दूदू (श्रीराम इंदौरिया): राज्य सरकार व आयुक्तालय के निर्देशानुसार 20 अगस्त को रानी लक्ष्मीबाई केंद्र की स्थापना के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ.लता कुमारी छाछिया ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया। यह 24 दिवस का आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की बालिकाये एवं स्थानीय महिलाएं भी भाग ले सकती हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आत्मरक्षा व छात्राओं को शारीरिक व मानसिक रूप से सक्षम बनाना है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर सीताराम चौधरी ने बताया कि राजस्थान सरकार का उद्देश्य इस केंद्र के माध्यम से समाज में महिलाओं के साथ घटित होने वाले अपराध के प्रतिरोध हेतु छात्राओं को प्रशिक्षित करना है तथा उन्होंने 3T (technology, time व training) का मॉडल दिया। वर्तमान में छात्राओं की कमजोरी को दर्शाते हुए सुरक्षा की training पर बल दिया। राजकीय महाविद्यालय दूदू के नोडल प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद मेंदोला व प्रोफेसर श्री राम बडकोदिया ने अपने उद्बोधन से छात्राओं को प्रोत्साहित किया। राजकीय महाविद्यालय मौजमाबाद के प्राचार्य डॉ.रामावतार जाट ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इस प्रशिक्षण को लेकर स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए सीमित संसाधनों में भी इस प्रशिक्षण को पूरा करवाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी महिला पुलिस पूजा तंवर ने महिला सुरक्षा के ऑनलाइन ऐप के बारे में बताया। इस अवसर पर पुलिस विभाग से धर्मवीर, गोपाल, विशिष्ट अतिथि गुरुकुल महाविद्यालय के जितेंद्र डागर एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के संकाय सदस्य मुकेश कुमार व डॉ.विनीता कुमारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर अनुभूति तिवारी ने सुभद्रा कुमारी चौहान के "बुंदेले हर बोलो के मुख" कविता की पंक्तियों के साथ सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।