मुख्यमंत्री को गणेश जी से उज्र क्यों

AYUSH ANTIMA
By -
0


जयपुर (महेश झालानी): गणेश जी पूरे देश में हिन्दू समाज के प्रथम पूजनीय देवता माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार बिना गणेश पूजन के कोई भी धार्मिक कार्य अधूरा है। विवाह से लेकर गृह प्रवेश तक हर शुभ कार्य उनकी वंदना से ही प्रारंभ होता है। यही कारण है कि अधिकांश राज्यों में गणेश चतुर्थी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है लेकिन सवाल यह है कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में अब तक इस पर्व को अवकाश की मान्यता क्यों नहीं मिली, क्या राजस्थान सरकार को गणेश जी से उज्र है ? रामनवमी, शिवरात्रि, जन्माष्टमी, रक्षाबंधन जैसे हिन्दू पर्वों पर अवकाश मिलता है। मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के पर्वों पर भी राज्यव्यापी छुट्टी होती है। यहां तक कि अंबेडकर जयंती पर पूर्ण अवकाश है। फिर प्रथम पूजनीय गणेश जी के पर्व को केवल "ऐच्छिक अवकाश" तक सीमित रखना भेदभाव नहीं तो और क्या है ? देशभर के बैंक और अनेक राज्यों में गणेश चतुर्थी पर मुकम्मल अवकाश रहता है। जब दर्जनों पर्व और जयंती पर छुट्टी दी जा सकती है तो राजस्थान में गणेश चतुर्थी पर स्थायी अवकाश क्यों नहीं ? राजस्थान के मुख्यमंत्री स्वयं ब्राह्मण हैं और उनकी छवि गहरी आस्था रखने वाले नेता की है। ऐसे में उनसे यह उम्मीद करना स्वाभाविक है कि वे हिन्दू समाज की भावनाओं का सम्मान करें और गणेश चतुर्थी को स्थायी अवकाश घोषित करें। यह केवल छुट्टी का विषय नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था का सवाल है। सरकार को अब स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए कि गणेश जी जैसे प्रथम पूजनीय देवता के पर्व पर राजस्थान में भी स्थायी अवकाश हो।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!