जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): अखिल राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ARUTA) के अध्यक्ष प्रो.बीडी रावत ने बताया कि वरिष्ठ शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय प्रेमचंद बेरवा जी से मिला और उन्हें यह अवगत कराया कि चयन समिति द्वारा विधिवत चयनित एवं 25 सितम्बर 2021 को सिंडिकेट द्वारा अनुमोदित प्रोफेसरों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत प्रोफेसरशिप का लाभ अभी तक प्रदान नहीं किया गया है। साथ ही, उन्हें वेतन निर्धारण एवं सेवा की गणना उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से करने का लाभ भी नहीं दिया गया है, जबकि इस संबंध में 29 नवम्बर 2018 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्पष्ट पालन होना चाहिए। यह न्यायोचित मामला केवल 98 वरिष्ठ प्रोफेसरों के लिए लंबित है और इनमें से लगभग 7-8 प्रोफेसरों की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। माननीय उपमुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिया कि उच्च शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मंगवाकर उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए। प्रेम चंद बेरवा जी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वरिष्ठ शिक्षकों का यह लम्बित मुद्दा शीघ्र ही सुलझाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल एवं अखिल राजस्थान विश्वविद्यालय संघ (अरूटा) के अध्यक्ष प्रो.बीडी रावत ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं शिक्षा सचिव कुलदीप रांका से भी मुलाकात की थी तथा दोनों से इस लम्बे समय से लंबित मामले को सुलझाने का अनुरोध किया था, जिसका निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बहुत पहले ही किया जा चुका है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रो.एमएस शर्मा, प्रो.बीएल गुप्ता, प्रो.मधुसूदन शर्मा, प्रो.नैना शर्मा और 35 विश्वविद्यालय शिक्षक उपस्थित थे।