विष्णु महावर अपनी माता सीता देवी का एकमात्र सहारा है विष्णु अपनी पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम नगिने घिसने का काम करता है 25 जुलाई 2025 को श्री गलता जी तीर्थ से केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए अकेला ही रवाना हो गया मन में भक्ति थी रोजाना 30, 35 किलोमीटर की यात्रा करता रहा खाने का कोई पता नहीं कभी 2 पैकेट बिस्किट तो कभी कुरकुरे खाकर ही यात्रा की कभी कभी सिर्फ पानी पीकर ही रहा 33 दिन में 950किलोमीटर (लगभग) यात्रा की
विष्णु ने बताया की मेरी माता देहली में मुझे वापस लेने के लिए भी आई थी पर मेरे हठ के कारण माँ वापस आ गयी
जे. के मंडिया(दिव्यांग सेवक),विनोद गोठवाल,प्रवीण (गोलू) अभिषेक जी और इन्द्र जी (कोली समाज के अध्यक्ष) और अन्य समाज बंधु ने मिलकर विष्णु को यात्रा पूर्ण करने पर बधाई दी