रक्षाबंधन पर्व को सेवा, संगठन और समर्पण के रूप में मनाएगी भाजपा: 08 से 10 अगस्त तक राजस्थान भर में होंगे विविध आयोजन

AYUSH ANTIMA
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जयपुर: भारतीय जनता पार्टी आगामी 08 से 10 अगस्त 2025 तक पूरे राजस्थान में रक्षाबंधन पर्व को जनसहभागिता, संगठनात्मक सहभागिता एवं सामाजिक समर्पण के साथ भव्य रूप में मनाने जा रही है। पार्टी के कार्यकर्ता "रक्षा का यह पर्व, सामाजिक एकता और सेवा का अवसर" के मूलभाव के साथ जिलों, विधानसभाओं और मंडलों में समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाएंगे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और अभियान संयोजक मुकेश दाधीच ने बताया कि प्रत्येक जिले में एक जिला महामंत्री एवं महिला मोर्चा की दो पदाधिकारी संयोजक व सह-संयोजक के रूप में कार्यक्रम का संचालन करेंगी।

*तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा*

* 8 अगस्त – “सम्मान व समर्पण दिवस”
इस दिन पार्टी कार्यकर्ता ट्रैफिक पुलिस, अस्पताल स्टाफ, विद्यालयों, सरकारी व निजी कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों सहित सेवाभावी कर्मियों को राखी बांधकर आभार प्रकट करेंगे। बहनों द्वारा तिलक, राखी एवं मिष्ठान वितरण कर यह संदेश दिया जाएगा – “आप हैं, इसलिए हम सुरक्षित हैं”। स्थानीय मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से इस सेवा भावना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

* 9 अगस्त – “संगठनात्मक एकता व परिवार दिवस”
भाजपा कार्यकर्ता इस दिन अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे और बूथ, मंडल, शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन के सदस्यों के बीच भाईचारे का पर्व मनाकर “भाजपा परिवार - एक सूत्र में बंधा, संकल्पित भारत के लिए समर्पित” भाव को सशक्त करेंगे।

* 10 अगस्त – “सेवा व सामाजिक सद्भाव दिवस”
इस दिन कार्यकर्ता सीमाओं पर तैनात सैनिकों को राखी भेजेंगे या उनके साथ रक्षाबंधन मनाएंगे। साथ ही कच्ची बस्तियों, मजदूर बस्तियों, झुग्गी-झोपड़ियों और घुमंतू समाज के बीच जाकर राखी व मिठाई वितरित की जाएगी। यह दिन "रक्षा का धागा, सम्मान और अपनत्व का संदेश" लेकर सेवा और संवेदना का उत्सव बनेगा। यह आयोजन सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों की सहभागिता से जिले, विधानसभा एवं मंडल स्तर पर आयोजित होंगे। पूर्व तैयारी बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। भाजपा का उद्देश्य रक्षाबंधन को सेवा, संगठन और समर्पण के पर्व के रूप में जन-जन तक पहुँचाना है। “रक्षा सूत्र से बंधेगा भारत, एकता, सेवा और संस्कारों के साथ” – यही है इस कार्यक्रम की मूल भावना।

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