जयपुर: राजधानी जयपुर के आदर्श नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय
के 6 शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में शिविरा पंचांग का पालन करने के बावजूद निलंबन कर दिया गया है। इसके विरोध में विद्यालय के कुल 6 शिक्षकों ने जयपुर के यूथ हॉस्टल में मंगलवार, 15 जुलाई प्रेसवार्ता कर पत्रकारों को अपनी पीड़ा बयां करते हुए शिक्षा विभाग से निलंबन वापस लेने की मांग की है। पीड़ित शिक्षकों महिपाल सिंह कुलहरि, सुशील जैन, देवराज शर्मा, सतीश कुमार वशिष्ठ, राजेश नरूका और सतीश कुमार शर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय वर्षों से अनुदान प्राप्त विद्यालय है और शिक्षा विभाग राज्य सरकार के सभी नियमों का पालन करने के लिए बाध्य है। इस विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा प्रबंध समिति का हवाला देकर शिक्षकों और छात्रों के ग्रीष्मावकाश की अवधि घटाकर 17 मई 2025 से 17 जून 2025 कर दी गई, जो कि शिविरा पंचांग के विरुद्ध है। विद्यालय के पुराने अनुदानित और शिक्षा विभाग राज्य सरकार के नियमानुसार वेतन श्रृंखला प्राप्त विद्यालय के 6 अध्यापकों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य को ग्रीष्मावकाश की अवधि शिविरा पंचांग के अनुसार करने का बार-बार निवेदन किया। इसके बाद जयपुर जिला कलेक्टर के निर्देशन से जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रबंध समितियों के सचिव एवं अध्यक्षों को 30 जून 2025 तक विद्यालय नहीं' खोलने के लिए पाबंद किया गया। इस नियम की पालना करने वाले 6 अध्यापकों को कारण बताओं नोटिस देते हुए 14 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि विद्यालय सचिव, प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक राज्य सरकार के नियमों का पालन नहीं करके सरकारी आदेशों का मखोल उड़ा रहे हैं। इन अध्यापकों में से कुछ अध्यापकों को अप्रेल 2020 से पूर्ण वेतन नियमानुसार नियमित वेतन नहीं दिया जा रहा। जबकि जून 2024 में विद्यालय को अनुदान पेटे एक करोड़ अस्सी लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। बार-बार प्रार्थना करने के बावजूद आज दिनांक तक बकाया एवं नियमित वेतन नहीं दिया गया। जबकि इन पीड़ित शिक्षकों का कहना है कि इनके द्वारा पूर्ण बकाया वेतन मांगने के परिणाम में इन्हें विद्यालय से निलम्बित करते हुए निलंबन पत्र थमा दिया गया है।