केवल मनुष्य के पास विवेक वही भगवान को प्राप्त करने मे सक्षम है: तिवाड़ी

AYUSH ANTIMA
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चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): मनुष्य को भगवान की प्राप्ति के लिए अपने सम्पूर्ण प्रयास करने चाहिए। मनुष्य जीवन का एक मात्र लक्ष्य भगवान की प्राप्ति है, यदि मानव जीवन प्राप्त करके मनुष्य उसके लिए प्रयास नहीं करता है तो उसका जीवन निःसफल है। इस सृष्टि मे चौरासी लाख तरह के प्राणी है, जो चार काम आहार निद्रा जीवन रक्षा एवं मैथुन में लिप्त रहते है। केवल मनुष्य के पास विवेक है, मनुष्य ही भगवान को प्राप्त करने मे सक्षम है। उक्त विवेचना वाणी भूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी ने इंडाली के बूढीया बालाजी मंदिर में चल रहीं श्रीराम कथा के सप्तम दिवस पर की। इससे पूर्व कथा में राम रावण युद्ध एवं भगवान के राजतिलक प्रसंग की कथा सुनाई गयी। कथा में सजाई गयी भगवान सीताराम की सुंदर झांकी व भक्तिमय संगीत ने वातावरण को आनंदमय बना दिया। पंडित सियाराम शास्त्री ने पूजन करवाया। कथा में बृजेन्द्र लमोरिया ठेकेदार, जगवीर सिंह झाझडिया, सुनील पुजारी, रामरतन शर्मा, राजेश देग, रामकुमार मीणा, माधोसिंह, रमेश चंद्र शर्मा ,मानक चंद्र शर्मा, दयानंद खिचड़, सुलतान धीवा, शिक्षाविद् हीरालाल शर्मा, अरविन्द भालोठिया, संतुसिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे।

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