बहरोड़ (विपिन शर्मा): भारत विकास परिषद शाखा बहरोड पिछले 31 वर्षों से राठ क्षेत्र में सेवा कार्य करती आ रही है। वह सेवा कार्य कन्या विवाह हो, मेडिकल से संबंधित हो, गौ सेवा हो, कांवड़ सेवा या बेजुबानों के लिए चुग्गे एवं पानी की व्यवस्था हो। इसी कड़ी में भारत विकास परिषद शाखा बहरोड के अध्यक्ष नरेंद्र यादव द्वारा परिंडे लगाओ अभियान प्रारंभ किया गया। यह अभियान बाबा भास्करानंद मंदिर कन्या विद्यालय गढ़ मंदिर गादोज ग्राम बस स्टैंड तथा प्रभु दयाल पब्लिक स्कूल वसई में किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत लगभग 101 परिंडे लगाने का कार्य किया जा रहा है। इन परिंडो को लगाने के साथ-साथ इनमें पानी भरने की जिम्मेदारी भी स्वयं सदस्यों द्वारा ली जा रही है। कार्यक्रम संयोजक कमलेश सोनी तथा सह संयोजक गुलाब चंद प्रजापत द्वारा बताया गया कि पक्षियों के लिए परिंडे लगाने के कई कारण हैं, जिनमें मुख्य रूप से उन्हें गर्मी से राहत देना और पानी उपलब्ध कराना शामिल है। परिंडे एक ऐसा उपकरण है, जो पक्षियों को दाना और पानी पीने में मदद करता है।
*पक्षियों के लिए परिंडे लगाने के प्रमुख कारण*
* गर्मी से राहत: गर्मियों में पक्षियों को पानी की बहुत आवश्यकता होती है और परिंडे उन्हें पानी उपलब्ध कराकर उनकी प्यास बुझाने में मदद करते हैं.
* पानी की उपलब्धता: परिंडे पक्षियों के लिए पानी का एक सुविधाजनक स्रोत होते हैं, जिससे उन्हें पानी की तलाश में दूर-दूर तक नहीं जाना पड़ता है।
* दाना: परिंडे में पानी के साथ-साथ दाना भी रखा जा सकता है, जिससे पक्षियों को भोजन भी मिलता है।
* दया और करुणा: परिंडे लगाने से हम पक्षियों के प्रति दया और करुणा का भाव दिखाते हैं और उन्हें गर्मी में राहत प्रदान करते हैं।
* पर्यावरण संरक्षण: पक्षियों को पानी और भोजन उपलब्ध कराकर हम उनके जीवन को बेहतर बनाते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करता है।
* सुंदरता: परिंडे लगाने से हमारे घर और आसपास का वातावरण भी सुंदर और जीवंत हो जाता है।
* पुण्य और धर्म: कुछ लोगों का मानना है कि पक्षियों को पानी और दाना देना एक पुण्य कर्म है और इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। कार्यक्रम में परिषद के सदस्यों के साथ-साथ मंदिर कमेटी भी उपस्थित रही।