बीकानेर (मुकेश रामावत): खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई के विरोध में सोमवार को बिश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमी सड़कों पर उतरे। महाराज सच्चिदानंद के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने एडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और खेजड़ी संरक्षण के लिए तत्काल कानून बनाने की मांग की।
*सोलर प्रोजेक्ट के नाम पर कटाई से आक्रोश*
ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थान की पहचान माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष आज संकट में हैं। बीकानेर, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, फलोदी, बालोतरा, जालौर, पाली, अजमेर और चूरू जैसे जिलों में सोलर परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी काटी जा रही है। इससे पर्यावरण संतुलन और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी पर गहरा असर पड़ रहा है।
*सरकार से वादाखिलाफी का आरोप*
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुडिया ने कहा कि बीकानेर के महापड़ाव के दौरान सरकार ने खेजड़ी बचाने के लिए सख्त कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पर्यावरण संघर्ष समिति के परसाराम बिश्नोई ने कहा कि "खेजड़ली बचाओ आंदोलन" को दो साल हो गए। नागौर और जयपुर में खुद मुख्यमंत्री ने ट्री एक्ट लागू करने का आश्वासन दिया था, पर अब तक वादा पूरा नहीं हुआ।
*चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी*
पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई ने साफ कहा कि "खेजड़ी पर चोट अब बर्दाश्त नहीं होगी। 36 कौम चाहती है खेजड़ी के लिए कानून बने। अगर इस विधानसभा सत्र में कानून नहीं आया तो पंचायत और निकाय चुनावों में सरकार को आईना दिखाया जाएगा।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बिश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमी प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन करेंगे और विधानसभा का घेराव भी करेंगे।
*प्रदर्शन में ये रहे शामिल*
इस दौरान हनुमान बेनीवाल, मोखराम धारणिया, सुभाष बिश्नोई, रामगोपाल बिश्नोई, मांगीलाल नोखड़ा, रामकिशन डेलू, रिछपाल फौजी, भोमाराम भादू, हेतराम डूडी, सुनील सींगड़, भंवरलाल कूकणा, मुकेश पन्नू सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।