जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने राज्य सरकार से आईपीआर (अचल संपत्ति विवरण) पोर्टल को पुनः खोलने की मांग की है। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सलावद ने बताया कि पोर्टल में आई तकनीकी खामियों के कारण प्रदेश के लाखों अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय सीमा तक अपनी अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं कर सके, जिससे उनकी जुलाई माह की वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) प्रभावित हो गई है। संगठन के प्रदेश महामंत्री नवल सिंह मीना ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार सभी सरकारी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक आईपीआर पोर्टल पर अपनी अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया गया था लेकिन अंतिम दिनों में पोर्टल पर अत्यधिक दबाव के कारण सर्वर संबंधी समस्याएं, ओटीपी सत्यापन में विफलता तथा अन्य तकनीकी बाधाएं आने से बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। संगठन के अनुसार इन तकनीकी समस्याओं के चलते प्रदेश के विभिन्न विभागों के करीब 2 लाख 64 हजार अधिकारी एवं कर्मचारी अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने से वंचित रह गए। इनमें शिक्षा विभाग के भी हजारों कार्मिक शामिल हैं। तकनीकी खामियों के कारण समय पर विवरण प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। ऑनलाइन प्रणाली की कमियों का खामियाजा कर्मचारियों को भुगताना पड़ रहा है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। शिक्षक संघ रेसटा ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आईपीआर पोर्टल को एक बार पुनः खोला जाए, ताकि शेष अधिकारी एवं कर्मचारी अपना अचल संपत्ति विवरण दर्ज कर सकें और उनकी रुकी हुई वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
आईपीआर पोर्टल पुन: खोलने की मांग, अचल संपत्ति का विवरण नहीं देने पर लाखों कार्मिकों की अटकी वेतन वृद्धि
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July 22, 2026
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