झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): आनंद सत्संग आश्रम किठाना में परमहंस मगनानंद जी महाराज की 42वी पुण्यतिथि के पावन अवसर पर विशाल सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आनंद शब्द वाणी संहिता ग्रंथ का विमोचन परम पूज्य संत प्रीतानंद जी महाराज के कर कमलों द्वारा किया गया। अपने आशीर्वचन में महाराज जी ने कहा कि यह ग्रंथ संत परम्परा की एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर है, जिसमें लगभग 100 संतो एवं महात्माओ की 1100 से अधिक अमृत वाणियो का संकलन है। जो मानव जीवन को सत्य, प्रेम, सेवा एवं अध्यात्मिक के मार्ग पर अग्रसर करने वाली है। इसके साथ शहंशाह सतगुरू मगनानंद जी महाराज एवं परम संत प्रीतानंद जी महाराज की दुर्लभ चित्रावली को भी सम्मिलित किया गया है। यह ग्रंथ एक पुस्तक ही नहीं बल्कि भारतीय संत परम्परा, आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत का एक अनुपम संग्रह है, जो आने वाली पीढीयों के लिए अध्यात्मिक ज्ञान का भंडार सिध्द होगा। सत्संग प्रेमी जनों ने शक्ति भाव से संतवाणी का श्रवण किया यथा महापुरुषो के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया ।
परम संत प्रीतानंद जी के कर कमलों द्वारा आंनद शब्द वाणी संहिता ग्रंथ का विमोचन
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July 05, 2026
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