वैदिक शिक्षा देने के लिए गुरुकुलों की आवश्यकता

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: पं.बाबू लाल शास्त्री ज्योतिष बोध संस्थान द्वारा रघुनाथसर मंदिर में नि:शुल्क रुद्रासष्टाध्यायी (रुद्री) पाठ शिव पूजा विधि एवं शिव महिम्न शिव तांडव स्तोत्र, रुद्राष्टकम् आदि का एक माह चलने वाला प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर संयोजक ज्योतिर्विद पं.राजेन्द्र किराड़ ने बताया 11 मई से 12 जून तक प्रशिक्षण के दौरान 135 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। शिविर में रुद्राष्टाध्यायी के साथ शिव-महिम्न स्तोत्र, शिव ताण्डव, पंचाक्षर, रुद्राष्टक आदि स्तोत्रों का अध्ययन करवाया गया। पं.किराड़ ने बताया कि समापन समारोह के दिन सामूहिक रुद्राभिषेक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दण्डी स्वामी शिवेन्द्राश्रम महाराज (ऋषिकेश) ने वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोडऩे के लिए एवं उन्हें वैदिक शिक्षा देने के लिए गुरुकुलों की आवश्यकता बताते हुए आयोजित समर कैंप की भी आवश्यकता पर जोर दिया और युवा पीढ़ी को अनुशासित तरीके से जीवन जीने को कहा। वहीं पं.जुगल किशोर ओझा ने नित्य त्रिकाल सन्ध्या एवं गायत्री उपासना करना ब्राह्मणों के लिए अति आवश्यक बतलाया। नगर विधायक जेठानन्द व्यास ने समय-समय पर संस्था द्वारा आयोजित शिविर के माध्यम से युवा पीढ़ी में दिए जा रहे वैदिक संस्कारों की सराहना की। समाजसेवी देवकिशन चाँडक ने कहा कि ब्राह्मण सभी वर्णों में श्रेष्ठ है और ब्राह्मण ही समाज को शिक्षित कर सकता है। इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से ब्राह्मणों में निश्चय ही संस्कार ओत-प्रोत होंगे कहकर भविष्य में आयोजित होने वाले शिविर में तन-मन-धन से सहयोग देने को कहा। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, वहीं प्रशिक्षक प्रह्लाद व्यास का अभिनन्दन किया गया। अभिषेक का कार्यक्रम पं.मुरलीधर पुरोहित, पं.संतोष व्यास व मदन गोपाल व्यास ने सम्पन्न करवाया। शिविर समापन अवसर पर स्व.पुष्पा देवी की स्मृति में प्रकाशित पं.राजेन्द्र किराड़ द्वारा लिखित 'शिव पूज्याविधि' का विमोचन किया गया। शिविर में देवकीनन्दन, सेठी किराडू, भानू व्यास, शिवम् पुरोहित, हिमांशु किराड़, जुगल किशोर पुरोहित ने विशेष भूमिका निभाई।

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