सोनी बैट्री और सोलर सिस्टम के नाम से करता था फर्जी काम

AYUSH ANTIMA
By -
0


बीकानेर: जिले में साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे है। लगातार ठगी करने वाले अलग अलग तरीके अपनाकर न केवल भोले भाले लोगों को बल्कि पढ़े लिखों को भी अपनी ठगी के आइने में उतार रहे है। अभी सोलर और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी का नया तरीका ठगों ने शुरू किया है, जिसको साइबर थाने ने अपने जाल में फंसाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। साइबर थाने की प्रभारी शालिनी बजाज ने बताया कि अन्तर्राज्यीय गिरोह का सदस्य पूगल रोड बंगला नगर निवासी 28 वर्षीय चम्पालाल सोनी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले, जिस पर उसे डिटेन कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी चंपालाल उर्फ कालू ने ठगी करना स्वीकार कर लिया। जो साइबर ठगी गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर लोगों के साथ ट्रेडिंग, इन्वेस्टमेंट के नाम पर सलाहकार व ट्रेडर बनकर ठगी करता। चंपालाल के खिलाफ पूरे देश में 30 शिकायतें हुई है। 

*सोनी बैट्री और सोलर सिस्टम के नाम से बना रखी थी फर्जी फर्म*

बजाज ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि सोनी ने सोनी बैट्री और सोलर सिस्टम के नाम से फर्जी फर्म बना रखी थी। बैंक की ओर से भी फर्म का सत्यापन नहीं किया गया था। बिना सत्यापन किये ही फर्जी फर्म के नाम से करंट अकाउंट खोला गया, जबकि पूगल रोड़ पर इस नाम से कोई फर्म ही नहीं है। आमतौर पर यह भी देखा जाता है कि बैंक करंट अकाउंट खोलते समय फर्म का सत्यापन करते हैं। बिना सत्यापन उन्हीं ग्राहकों का बैंक अकाउंट खोला जाता है, जिनसे बैंक पहले से वाकिफ होता है। विश्वसनीय ग्राहकों के अलावा बिना सत्यापन के करंट अकाउंट नहीं खोला जाता।कमाल की बात यह है कि जिस बैंक ने चंपालाल की फर्जी फर्म का अकाउंट खोला, उसने मौके पर जाकर सत्यापन करना तो दूर कागजों की जांच भी ढंग से नहीं की। अगर जांच होती तो फर्जी जीएसटी नंबर कैसे छुपा रह सकता था। आशंका है कि बैंक ने मिलीभगत से चंपालाल की फर्जी फर्म का करंट अकाउंट खोल दिया हो। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूछताछ व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे हो सकते हैं। इतना ही नहीं वे अन्य नामों से भी फर्जी फर्म बनाकर उसमें साइबर ठगी के रूपयों का लेनदेन करते रहे। वह डिजिटल माध्यम से लोगों को शेयर इंवेस्टमेंट की टिप्स देता है।

*ये अपनाता तरीका*

यह ठग गैंग लोगों को बड़ा लालच देता। अपनी ठगी की रकम अपने अकाउण्ट में डलवाते व उनको निकालकर अन्य लोगों से दस प्रतिशत के हिसाब से अकाउंट कमीशन लेकर उनसे ठगी के रूपये डालकर अलग अलग बैंक शाखाओं से निकलवा लेते। एक तरह से दिखावा शेयर ट्रेडिंग का सलाहकार होने का करते हैं, जो व्यक्ति इनके झांसे में आ गया, उससे अपने करंट अकाउंट में पैसा डिपोजिट करवाते हैं। फिर यह पैसा किराए पर लिए गए विभिन्न अकाउंट्स में डलवाकर अलग अलग बैंकों से नकदी निकलवा लेते हैं। एक तरफ शेयर ट्रेडिंग के चक्कर में लोगों को फंसाते हैं। अकाउंट किराए पर देने वालों को पता ही नहीं रहता कि उनका अकाउंट म्यूल अकाउंट की श्रेणी में आ जाएगा। पुलिस निरीक्षक रमेश सर्वटा ने बताया कि आरोपी चंपालाल सोनी ने महज 19 दिनों में 2 करोड़ 28 लाख रूपए की ठगी कर डाली। इस ठगी में तीन चार अन्य युवक भी चंपालाल के साथ हैं। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों को पकडऩे की तैयारी में है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!