जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना 1286वें दिन भी रहा जारी

AYUSH ANTIMA
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कोटपूतली (ईशाक खान): जोधपुरा संघर्ष समिति द्वारा दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1286वें दिन भी बदस्तुर जारी रहा। समिति द्वारा एनजीटी के आदेश की पालना व गांव की आबादी से गुजरने वाले ओवरलोड ट्रकों को पूर्णतः बंद करवाने की मांग को लेकर बुधवार को जिला कलक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। सचिव कैलाश यादव व उपाध्यक्ष सतपाल यादव ने बताया कि एनजीटी के आदेशो की पालना नहीं होने एवं अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के ओवरलोड वाहनों से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। प्लांट के निकट आबादी क्षेत्र में संचालित क्रेशर एवं खनन क्षेत्र में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण स्थानीय ग्रामीणों का जीवन अत्यंत प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा अनेक बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा भी ग्रामीणों के पक्ष में आदेश पारित किए जा चुके हैं, किन्तु उनकी प्रभावी पालना नहीं हो रही है। वर्तमान में प्लांट परिसर एवं खनन क्षेत्र तथा क्रेशर क्षेत्र में रात्रिकाल में हाई-मास्ट लाईटों के अत्यधिक उपयोग से आसपास के निवासियों की नींद प्रभावित हो रही है। साथ ही धूल एवं प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य ग्रामीणों में एलर्जी, दमा एवं श्वास संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। एनजीटी न्यायालय ने आबादी, स्कूल व मंदिर से 500 मीटर की दूरी छोड़कर ब्लास्टिंग किए जाने के आदेश दिए हैं, फिर भी अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट द्वारा 250 से 300 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग की जा रही है। सीमेंट प्लांट से संबंधित ओवरलोड ट्रक एवं भारी वाहन ग्रामीण सड़क से गुजरते हैं, जिससे अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न होता है। यह सड़क मूल रूप से ग्रामीण उपयोग हेतु निर्मित है तथा इसके आसपास आबादी, विद्यालय एवं खेल मैदान स्थित हैं। भारी वाहनों के आवागमन से दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है तथा ग्रामीणों में भय एवं असुरक्षा का वातावरण है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने सीमेंट प्लांट एवं क्रेशर से संबंधित ओवरलोड वाहनों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही, आबादी क्षेत्र, विद्यालय एवं खेल मैदान के निकट से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक अथवा वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने, एनजीटी के आदेशों की प्रभावी पालना, रात्रिकालीन ध्वनि एवं प्रकाश प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करने, ग्रामीणों के जीवन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की रक्षा हेतु आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने की मांग की हैं। राधेश्याम शुक्लावास ने कहा कि यदि शीघ्र उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन अब सड़क पर बैठकर करने के लिए बाध्य होंगे। आबादी व स्कूल के बीचो बीच भारी वाहनों को नहीं चलने दिया जायेगा। ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था संबंधी किसी भी अप्रिय परिस्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की होगी। इस दौरान कृष्ण रावत, भूपसिंह धानका, ग्यारसी लाल सहित जोधपुरा संघर्ष समिति के अनेक लोग मौजूद रहें।

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