कोटपूतली-बहरोड़: राज्य सरकार के निर्देशानुसार संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत रविवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा जनजागरूकता से संबंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत आमजन, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों तथा विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता रही।
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं नगर निकाय स्तर पर वंदे गंगा प्रभात फेरी, जागरूकता रैली एवं साइकिल रैली का आयोजन किया गया। जल संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों एवं युवाओं को जल बचाने तथा जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जल संरक्षण संरचनाओं, तालाबों, जोहड़ों, बावड़ियों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई तथा गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) का कार्य किया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने वंदे गंगा जल सेवा गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान पशु खेलियों, बावड़ियों एवं जलाशयों की साफ-सफाई की गई तथा पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ पक्षियों के लिए परिंडे भी लगाए गए। विभिन्न स्थानों पर जल स्रोतों की मरम्मत एवं संरक्षण कार्य भी किए गए। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्वच्छता एवं रखरखाव गतिविधियों में सहभागिता करते हुए जल स्रोतों एवं सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई, पौधारोपण की पूर्व तैयारियां तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। “नो प्लास्टिक डे” के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे के संग्रहण एवं उसके उचित निस्तारण का कार्य भी किया गया। अनेक स्थानों पर जल स्रोतों के समीप दीप प्रज्वलन कर जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। अभियान के माध्यम से आमजन को वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। जिला प्रशासन ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों, युवाओं एवं आमजन का आभार व्यक्त करते हुए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।