ब्रह्मऋषि श्री दादू दयाल जी महाराज के संदेशों से गूंजा मुंबई

AYUSH ANTIMA
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मुंबई (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): श्री दादूदयाल प्रचार समिति (मुंबई) द्वारा आयोजित 423वीं श्री दादू जयंती महोत्सव बड़े श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। यह भव्य आयोजन मलाड (वेस्ट), मुंबई में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर संत महात्माओं के दर्शन एवं आशीर्वचन का पुण्य लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री आत्माराम जी महाराज के श्रीचरणों के सान्निध्य में पधारे श्री गुरुवर्य महामंडलेश्वर डॉ.अर्जुनदास जी महाराज रहे। उनके दिव्य सान्निध्य और प्रेरणादायी संदेशों ने भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पूज्य अर्जुनदास जी महाराज ने संतप्रवर श्री दादूदयाल जी महाराज के जीवन,संदेशों को सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि संतदादू दयाल जी ने सदैव प्रेम, करुणा, भाईचारे और अहिंसा का संदेश दिया। दादू जी का मानना था कि ईश्वर हर जीव में विद्यमान है, इसलिए किसी से भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने आडंबर से ऊपर उठकर मानव सेवा को सच्ची भक्ति बताया। पूज्य गुरुदेव अर्जुनदास जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को श्रीदादू दयाल जी महाराज के सत्य, प्रेम और सद्भाव के संदेश को अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में ब्रह्मलीन परमपूज्य गुरुदेव परिब्राजकाचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 पंडित आत्मारामजी महाराज व्याकरण वेदांताचार्य के पावन आशीर्वाद का स्मरण किया गया। साथ ही संत सुदर्शन दासजी महाराज एवं संत परमानंद दासजी महाराज ने भजन प्रवाह से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंच संचालन डॉ.हरिनारायण जी स्वामी ने प्रभावशाली शैली में किया। कार्यक्रम में ओम व्यास एवं राकेश बावलिया (झुंझुनू) द्वारा भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समारोह के सफल आयोजन में श्री दादूदयाल प्रचार समिति (मुंबई) के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा। समिति के प्रमुख सदस्यों में देवकीनंदन जिंदल, संजय गोयल (नवी मुंबई), मदन चौधरी (नवी मुंबई), सुरेश चौधरी, सुभाष सुगला, पूनम चौधरी, संतोष चौधरी, वेदप्रकाश सुगला, कैलाश खुशालका, प्रेम चौधरी, कैलाश सुगला, गौरी शंकर चौधरी एवं मुकुंद लड्डा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समिति की ओर से बताया गया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और संस्कारों का प्रसार करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में दादू दयाल जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों, भक्तों एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।

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