यमुना जल का पानी शेखावाटी की तरफ एक कदम और बढ़ा

AYUSH ANTIMA
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शेखावाटी खासकर झुन्झुनू के लिए यमुना जल का मुद्दा पिछले 6 दशक से राजनीतिक लाभ का मुद्दा रहा है। जिले के एक कद्दावर नेता स्वर्गीय शीशराम ओला ने इस मुद्दे का अपने राजनीतिक सफर के अंतिम क्षणो तक खूब दोहन किया था। हालांकि स्वर्गीय शीशराम ओला का कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार रहा है व केन्द्र में मंत्री पद की शोभा बढ़ाते रहे हैं लेकिन उनके जीवन के अंतिम क्षणो तक लोगों को यमुना नहर का सब्जबाग दिखाते रहे लेकिन वर्तमान में शेखावाटी की प्यास बुझाने मे यमुना जल ने एक कदम और शेखावाटी की तरफ बढ़ाया है। सूत्रों के अनुसार शेखावाटी में यमुना जल का पानी लाने के लिए मिशन मोड में कार्य चल रहा है। हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान को मिलने वाले पानी को हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है और हाल ही में दोनो राज्यों ने पाइप लाइन अलाइनमेंट पर लिखित सहमति दे दी है। विदित हो राजस्थान में भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के गठन के बाद 17 फरवरी 2024 को हुए एक ऐतिहासिक समझोते के तहत राजस्थान को हथिनी कुंड बैराज से मानसून के दौरान 577 मिलियन कयूबीक मीटर लगभग 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा। यहां यह बात ध्यान देने योग्य है कि यह पानी केवल मानसून के समय ही मिलेगा। पानी की बर्बादी को रोकने के और चोरी रोकने के लिए लगभग 265 से 300 किमी लंबी भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जायेगी। यह पाईप लाईन हरियाणा से होते हुए राजस्थान के हसियावास (चुरू) तक लाई जायेगी। वर्तमान महीने में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने और समय सीमा तय करने पर जोर दिया गया। दोनो राज्यों के बीच बनी संयुक्त डीपीआर में हरियाणा की ओर से कुछ क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अधिकांश टैपिंग पाइटंस की सूचना उपलब्ध करवा दी गई है। इसके बाद केन्द्रीय जल आयोग की ओर से डीपीआर की जांच शुरु होगी। हरियाणा सरकार से चर्चा के बाद डीपीआर का केंद्रीय जल आयोग से अनुमोदन होते ही धरातल पर कार्य प्रारंभ होगा। इस परियोजना से 577 एमसीएम पानी पेयजल आपूर्ति के लिए व अन्य आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध होगा। उपरी यमुना बेसिन में रेणुका जी, लखवार और किसाऊ भंडारण परियोजना के निर्माण के बाद राजस्थान को वर्ष के बाकी समय में भी हथिनी कुंड से इसी पाइपलाइन के जरिये पानी मिलता रहेगा। उपरोक्त तथ्यों को देखें तो परियोजना के प्रारंभिक चरण में केवल मानसून के तीन महीने ही पीने का पानी उपलब्ध होगा। जो स्थानीय नेता यमुना जल से शेखावाटी के खेतों को हरा-भरा करने की बात कर रहे है, वे कांग्रेसी नेता स्वर्गीय शीशराम ओला के नक्शे कदम चलकर खुली आंखों से सपने देख रहे हैं लेकिन केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक ने यमुना जल को शेखावाटी की तरफ एक कदम और बढ़ाने में सहायक हुई है।

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