झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शहर के चुना चौक स्थित रामलीला पार्क में आयोजित भव्य रामकथा में मंगलवार को भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। राम विवाह की मनमोहक झांकियों, मधुर भजनों और आध्यात्मिक वातावरण ने पूरे पंडाल को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की सजीव झांकियां पंडाल में पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने श्रद्धाभाव से दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। कथावाचक अयोध्या से पधारे महाराज धर्मदास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का अत्यंत सरल, सरस और भावपूर्ण शैली में वर्णन किया। उन्होंने भजनों और प्रसंगों के माध्यम से प्रभु श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और संस्कारों को श्रद्धालुओं के समक्ष जीवंत कर दिया। कथा के दौरान महिलाएं भजनों पर झूमती नजर आईं और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। महाराज श्री ने गुरु वशिष्ठ, राजा दशरथ और मिथिला नरेश जनक के प्रसंगों का भी मार्मिक वर्णन किया। राम-सीता विवाह प्रसंग सुनाते हुए महाराज स्वयं भी भावुक हो उठे। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार मिथिला नरेश ने अपनी पुत्री सीता को संस्कारों और मर्यादाओं के साथ विदा किया, उसी प्रकार प्रत्येक परिवार को अपनी पुत्रियों को संस्कारों से समृद्ध बनाकर ससुराल विदा करना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक महेश बसावतिया ने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज झुंझुनूं की ओर से धर्मदास जी महाराज का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में गौड़ ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष पवन शर्मा देरवाला, उपाध्यक्ष शिवचरण पुरोहित, युवा अध्यक्ष ललित जोशी, पुजारी सेवक महासंघ के जिला अध्यक्ष विनोद पुजारी तथा रामचंद्र शर्मा पाटोदा, राजेंद्र शर्मा झेरलीवाला, अरुण भौमिया बिल्लू, बालमुकुंद शर्मा, अमित पांडे, लक्ष्मीकांत शर्मा, नरेंद्र शर्मा डानींवाला, सुरेंद्र शर्मा डानीवाला, गोपी पुरोहित, संत कुमार अलसीसर, सौरभ जोशी बिल्लू शर्मा पिलानी वाले, मंच संचालन डॉ.विद्या पुरोहित ने किया। भगवान राम की भूमिका में गौरव, सीता, पलक राठौड़, नेकी, लवीना जांगिड़ ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई एवं सैकड़ो महिलाओं की कार्यक्रम मे उपस्थिति रही एवं कई गणमान्यजन मौजूद रहे।
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