बीकानेर: राजस्थान की राजनीति में 'अपनों' से जूझने वाली कांग्रेस अब 'बाहरी' हमले के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ी नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट को 'बहरूपिया' और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने वाले बयान ने मरुधरा के सियासी गलियारों में आग लगा दी है। दिलचस्प बात यह है कि जो नेता कल तक अलग-अलग गुटों में बंटे नजर आते थे, आज वे सभी सचिन पायलट के सम्मान में एक सुर में सुर मिला रहे हैं। इसको लेकर आज कांग्रेस ने कोटगेट पर अग्रवाल का पुतला फूंककर विरोध जताया। कॉग्रेस जनों ने कहा
AICC महासचिव एवं टोंक विधायक सचिन पायलट के लिए राजस्थान भाजपा प्रभारी राधामोहन दास द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी न केवल निंदनीय है, बल्कि भाजपा की गिरती सियासी संस्कृति का उदाहरण है। राजनीति में विरोध हो सकता है, वैमनस्य नहीं, व्यक्तिगत अपमान और मर्यादा भंग करना भाजपा की आदत बन गई है। सलीम भाटी ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व पर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। सचिन पायलट का पूरा राजनीतिक जीवन शुचिता, पारदर्शिता और मर्यादित आचरण का प्रतीक रहा है। उनका व्यवहार और व्यक्तित्व हमेशा आदर्श राजनीति को परिभाषित करता रहा है। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के कुछ नेता बार-बार इस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर राजनीतिक संवाद को दूषित कर रहे हैं।
*सोशल मीडिया पर भी मचा बवाल*
भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह अग्रवाल की ओर से सचिन पायलट को बहरूपिया बताए जाने के बाद अब इस मामले में कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है तो वहीं सोशल मीडिया पर भी सचिन पायलट समर्थक भाजपा और मोहनदास अग्रवाल की आलोचना कर रहे हैं. वहीं, अब इस मामले में कई कांग्रेसी नेता भी सचिन पायलट के समर्थन में उतर चुके हैं और राधा मोहन दास अग्रवाल के बयान को भाजपा की संस्कृति करार दे रहे हैं…
*ये रहे विरोध में शामिल*
विरोध करने वाले में गजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, अरुण व्यास, शशि कला राठौर, आजम खान, शबीर, नितिन वत्स, नित्यानंद पारीक आदि शामिल रहे।