पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बिरला बालिका विद्यापीठ, पिलानी की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने ‘वंदे मातरम्—भारतीय हरित धरोहर’ विश्व रिकॉर्ड बुक में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। विश्व भर के कवियों द्वारा रचित 101 कविताओं के संकलन ‘भारतीय हरित धरोहर’ में विद्यालय की 12 छात्राओं और 6 शिक्षिकाओं की सहभागिता सराहनीय रही। इस उपलब्धि में शामिल छात्राओं में आशी अग्रवाल, लावण्या शर्मा, अदिति सिंह, पीहू मोदी, अधा देशवाल, अदिति यादव, सिद्धि सिंह, अनन्या बुबना, अंशिका आनंद, प्रश्मा कोठारी, वेदांगी सिंह एवं अरण्या पारीक शामिल हैं। वहीं शिक्षिकाओं में श्रीमती सावित्री धायल, श्रीमती निशा पारीक, डॉ.संध्या व्यास, श्रीमती कल्पना सोनी, श्रीमती सुमन शेखावत एवं श्रीमती निधि शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस पहल की प्रेरणा इंडोनेशिया निवासी भारतीय मूल की श्रीमती इंदु नांदल द्वारा की गई, जिनके मार्गदर्शन से श्रीमती सावित्री धायल ने न केवल कविताएं लिखीं, बल्कि दो लगातार विश्व रिकॉर्ड पुस्तकों की सह-संपादक भी बनीं। इस पुस्तक के संपादकीय दल में श्रीमती कल्पना सोनी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय की राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्राचार्या श्रीमती अचला वर्मा ने सभी प्रतिभागी कवयित्रियों को सम्मानित किया तथा छात्राओं को भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक एवं देशभक्ति से प्रेरित आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस देशभक्ति से ओत-प्रोत पहल के लिए श्रीमती इंदु नांदल का आभार भी व्यक्त किया। बिरला एजुकेशन ट्रस्ट (BET) के निदेशक मेजर जनरल एसएस नायर, अति विशिष्ट सेवा मेडल के सतत् मार्गदर्शन, सहयोग, प्रोत्साहन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण ही शिक्षिकाएँ एवं छात्राएँ अपनी प्रतिभा का विस्तार कर ऐसी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर पा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं पुस्तक प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है तथा छात्राओं के रचनात्मक कौशल को नई दिशा प्रदान करती है।
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