अपने गिरेबान में झांके कांग्रेस

AYUSH ANTIMA
By -
0


रिबन और कैंची संस्कृति को लेकर कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक भाजपा पर हमलावर है। इसको लेकर आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) ने भी संवैधानिक पदों पर बैठे माननीयो के अधिकारों के हनन को लेकर अपने लेखों में इस संस्कृति पर रोक लगाने को लेकर अपने लेखों में भजन लाल शर्मा सरकार का ध्यान आकृष्ट करने का पत्रकारिता के मूल्यों का निर्वहन किया था। इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रजातांत्रिक व लोकतांत्रिक मूल्यों को जीव़त रखते हुए एक आदेश पारित किया कि सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन में पट्टिका पर वर्तमान विधायक का नाम ही अंकित होना चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल का हो क्योंकि वर्तमान विधायक का नाम सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन में न होना उस जनादेश का उल्लघंन है, जिसके कारण वे विधानसभा की शोभा बढ़ा रहे है लेकिन अब थोड़ा अतीत में जाने की जरूरत है क्योंकि इस रिबन और कैंची की संस्कृति को लेकर कांग्रेस के विधायक श्रवण कुमार, नरेन्द्र बुडानिया, पितराम सिंह काला व गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा में हमलावर हो रहे थे, उनको भी अपनी गिरेबान में झांकना होगा कि जब राजस्थान में गहलोत सरकार थी व सूरजगढ के वर्तमान विधायक को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, इसके विपरित भी उनका वही आचरण था, जिसको लेकर वे विधानसभा में हमलावर हो रहे हैं। उद्धघाटन पट्टिकाओ पर उनका नाम इस बात को इंगित करता है कि कैंची व रिबन की संस्कृति से वे भी अछूते नहीं थे लेकिन एक मारवाड़ी कहावत है कि पंगा बलती कोनी दिखै डूगंर बलती दिखज्या। आज जब पूर्व विधायक किसी सरकारी परियोजनाओं का उद्धघाटन कर रहे हैं तो वहीं नेता उनका उपहास उडा रहे हैं कि जिले में भाजपा नेता रिबन व कैंची जेब में डाले घूम रहे हैं कि कब कहां फीता काटने का मौका मिल जाए लेकिन भाजपा सरकार ने संवैधानिक अधिकारों की रक्षार्थ जो कदम उठाया है कि सरकारी परियोजनाओं के उद्धघाटन में वर्तमान विधायक का ही नाम अंकित होगा, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल का हो स्वागत योग्य कदम है। कांग्रेस ने गहलोत सरकार के कार्यकाल में जो किया क्या उनके पास इसका जबाब है। यह ज्वलंत प्रश्न जनता की अदालत में रखने की हिम्मत आयुष अंतिमा हिन्दी समाचार पत्र ने की है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!