काला बाजारी एक अवैध गतिविधि है, जिसमें वस्तुओं को जमाखोरी द्वारा छिपाकर या कृत्रिम कमी पैदा करके, सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों से अधिक पर बेचा जाता है। हालांकि काला बाजारी को लेकर देश में कानून बना हुआ है, इसके बावजूद भ्रष्ट तंत्र के कारण यह काला बाजारी व जमाखोरी करने वाले आपदा में अवसर तलाश लेते हैं। आपदा में अवसर को लेकर एक शेयर याद आता है। हम आपदाओं में अवसर तलाश करते हुए, शिकारी खेतों मे तीतर तलाश करते हुए।। खाड़ी युद्ध के चलते विश्व में तेल व उसके उत्पादों का गंभीर संकट हो गया है। केन्द्र सरकार के बार बार स्पष्ट करने के बावजूद रसोई गैस को लेकर व्याप्त आशंकाएं दूर नहीं हो रही है। सरकार के दावों व प्रयासों पर अफवाहें भारी पड़ती नजर आ रही है। देश में काला बाजारी व जमाखोरी के चलते रसोई गैस सिलेंडर की कमी का असर दिखाई दे रहा है। इस युद्ध के संकट में सरकार ने रसोई गैस के व कामर्शियल सिलैंडर के दामों में बढ़ोतरी की है। देश के बहुत से हिस्सों में गैस सिलेंडर को लेकर कतारें नजर आ रही है। यह कतारें नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में पहली बार दिखाई देना सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर दिखाई दे रही है। यह भी देखा गया था कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के राज में गैस सिलेंडर व पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी होते ही तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चूडीयां भेंट की जाती थी व भाजपाई सड़कों पर उतर आते थे लेकिन अब परिस्थितियां भिन्न है क्योंकि मोदी सरकार के समर्थक यह कहते हुए नजर आते हैं कि पेट्रोल चाहे पांच सौ रूपये लीटर हो जाए व रसोई गैस सिलेंडर 5 हजार रुपए का हो जाए लेकिन सनातन धर्म की रक्षा जरूरी है व इसके लिए देश को नरेंद्र मोदी बहुत जरुरी है। यह भाजपा द्वारा प्रायोजित वाट्सएप विश्वविद्यालय के ज्ञान का नतीजा है। राजस्थान प्रदेश की बात करें तो डबल इंजन सरकार केन्द्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए रसोई गैस की भरपूर उपलब्धता की बात कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर देखा जाए तो कामर्शियल सिलैंडर की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस रोक के चलते छोटे ढाबे चलाने वालों के समक्ष रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। घरेलू सिलेंडर को लेकर भी बुकिंग नहीं की जा रही है, जो सरकारी दावे की पोल खोल रही है। बारह साल के मोदी के शासन में घरेलू गैस सिलेंडर के दामो में वृध्दि जरुर हुई लेकिन इसके लिए लाईन लगना कांग्रेस शासन की याद ताजा करता है।
सरकार जमाखोरी व काला बाजारी करने वालों पर लगाम लगाने की जरूरत है और उनको भी आपदा में अवसर ढूंढने से बाज आना चाहिए।