जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) की ओर से ईपी ईस्ट लॉन में “फोर्टी फागोत्सव—2026” आयोजित किया गया। यह राजस्थान का सबसे बड़ा फागोत्सव है, जिसमें 3000 से ज्यादा विभिन्न समाज के लोगों ने परिवार के साथ भाग लिया। फागोत्सव में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, विधायक कुलदीप धनकड़, विधायक रफीक खान, बीजेपी नेता रामचरण बोहरा, अशोक परनामी, अशोक लाहोटी, मुकेश पारीक, ज्योति खंडेलवाल, निवर्तमान महापौर कुसुम यादव, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, आईपीएस योगेश दाधीच, जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील, सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा, सिख समाज के अध्यक्ष अजयपाल सिंह, उद्यमी और समाजसेवी एनके गुप्ता, हरी मोहन डंगायच, ओम माहेश्वरी, जुगल डेरेवाला, ओपी अग्रवाल, राजू मंगोड़ीवाला, आत्माराम गुप्ता के साथ जयपुर के उद्योग, व्यापार, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र के गणमान्य प्रतिनिधि शामिल हुए। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, संरक्षक सुरजाराम मील, राजेंद्र सेठिया, कार्यकारी अध्यक्ष पीडी गोयल, अरुण अग्रवाल, विनोद गुप्ता, मुख्य सचिव नरेश सिंहल, गिरधारी खंडेलवाल, सुरेश सैनी, रवि जिंदल, अनुराग खेतान, वूमेन विंग अध्यक्ष नीलम मित्तल, यूथ विंग अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव प्रशांत शर्मा, उपाध्यक्ष कैलाश खंडेलवाल, अजय अग्रवाल, संयोजक अरविंद अग्रवाल ने आगंतुक सभी गणमान्य लोगों का स्वागत किया।
*जयपुर के भव्य आयोजनों की पहचान बन चुका है फोर्टी फागोत्सव: सुरेश अग्रवाल*
फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि फोर्टी फागोत्सव गुलाबी नगर में अपनी खास पहचान बना चुका है। हर वर्ग को फोर्टी के फागोत्सव का इंतजार रहता है। प्रदेशभर के उद्यमी इसमें भाग लेते हैं। व्यापारी वर्ग अपनी व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के कारण व्यस्त रहता है। हमने फागोत्सव के माध्यम से प्रयास किया कि उद्यमी वर्ग व्यस्तता के बीच अपने परिवार और विभिन्न समाज के लोगों के साथ सुकून के पल बिताएं। आयोजन की भव्यता के कारण फोर्टी फागोत्सव जयपुर का लोकप्रिय आयोजन बन चुका है। इस बार भी हमने शानदार और यादगार आयोजन के सभी इंतजाम किए। गणमान्य लोगों और फागोत्सव के सहयोगियों का सम्मान किया गया, फोर्टी की उपब्धियों और भविष्य की कार्य योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ यूथ बैंड की ओर से गीत-संगीत के साथ रंगारंग प्रस्तुतियां दी, जिस पर फोर्टी मेंबर्स ने भी जमकर ठुमके लगाए। यहां मौसम और परम्परा के साथ देश के मशहूर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया गया।